
दुर्ग। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले को रोकने के विरोध में मंगलवार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया. इस प्रदर्शन के बाद अब पुलिस ने अब चरोदा मेयर निर्मल कोसरे समेत 150 से अधिक नेताओं के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया है.

27 अगस्त को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के समर्थकों ने दुर्ग के भिलाई 3 थाने का घेराव किया. इससे पहले भिलाई 3 के सिरसा गेट पर एक बड़ी सभा भी आयोजित की गई. जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. वहीं थाने के घेराव के दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज भी किया, जिसमें कई कांग्रेसी नेता और जनप्रतिनिधि के अलावा पुलिस जवान भी घायल हुए. कांग्रेसियों और पुलिस के बीच हुए इस टकराव के बाद अब पुलिस ने गैर जमानती धाराओं के तहत 150 से अधिक लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है. वहीं नामजद में पुलिस ने मेयर निर्मल कोसरे, मनोज मढरिया और सुजीत बघेल को प्रमुख आरोपी के रूप में शामिल किया है. पुलिस ने बीएनएस की धारा 115, 140, 189 (2), 190, 296, 351(2) के तहत दो अलग-अलग अपराध दर्ज किए है.

दुर्ग पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में बताया गया है कि लोग उग्र होकर अचानक थाने की ओर बढ़े, झूमाझटकी करते हुए झंडे लेकर, झंडे की लकड़ी से पुलिस बल पर प्रहार करते हुए थाने के भीतर घुसने की कोशिश करने लगे. प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए अपराधिक बल प्रयोग से पुलिस बल के तीन जवानों को चोट आई है. इस के साथ साथ बल संसाधित सामग्री भी क्षतिग्रस्त हुई है.
पुलिस के अनुसार पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और तस्वीरों की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है. आरोपियों की पहचानकर अन्य लोगों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है. एसपी जितेंद्र शुक्ला ने अपने बयान में कहा था कि प्रदर्शनकारियों ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली थी. बिना अनुमति प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. वहीं दुर्ग एसपी के निर्देश पर प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए टेंट समाग्री और कुर्सियां भी जब्त कर ली गई है.


