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छत्तीसगढ़नई दिल्ली

सड़क के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी के आवास तक लोटते हुए पहुंचा सरपंच

ग्रामीणों ने चंदा कर भेजा दिल्ली; बोला-गांव की रोड कच्ची,इसलिए नहीं होती शादियां

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महासमुंद। छत्तीसगढ़ की एक ग्राम पंचायत के सरपंच गांव में सड़क के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने बाकायदा 5 हजार रुपए का चंदा जमा कर उनको दिल्ली भेजा है। वहां सरपंच सड़क पर लोटते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आवास तक गए। हालांकि मंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।

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मामला महासमुंद की ग्राम पंचायत बंबूरडीह का है। गांव के सरपंच शत्रुघ्न चेलक का कहना है कि, रामाडबरी से बावनकेरा गांव तक 2 किमी कच्ची सड़क है। सड़क नहीं होने के कारण गांव के लड़के-लड़कियों की शादी नहीं हो पा रही। कोई इस गांव में बारात लाने और बेटी भेजने को तैयार नहीं है। अफसरों ने नहीं सुना तो वह केंद्रीय मंत्री के पास पहुंचे हैं।

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बारिश के समय समय सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ हो जाता है।

बारिश के समय सड़क पर कीचड़ ही कीचड़

रामाडबरी गांव में बारिश के समय सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ हो जाता है। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मरीजों को इमरजेंसी में चारपाई के जरिए अस्पताल ले जाना पड़ता है। बच्चे और शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। इस सड़क पर लगातार हादसे भी हो रहे हैं।

ग्राम रामाडबरी में करीब 800 की आबादी

बताया जा रहा है कि, पक्की सड़क बनाने के लिए साल 2023 में 2 करोड़ 53 लाख 71 हजार रुपए की राशि स्वीकृत हुई थी। बावजूद अब तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जिसके चलते सड़क निर्माण नहीं हो पाया है। ग्राम पंचायत बंबूरडीह का आश्रित ग्राम रामाडबरी में करीब 800 की आबादी है।

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सरपंच चेलक अपनी पत्नी के साथ 17 जुलाई को दिल्ली के लिए निकले थे। जब वहां किसी भी केंद्रीय मंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई, तो 21 जुलाई को प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि, आश्रित ग्राम रामाडबरी का नाम न तो राजस्व रिकॉर्ड में है, न भारत सरकार के नक्शे में है और न ही गूगल में है।

सरकारी योजनाओं का भी नहीं मिल रहा लाभ

हमारे गांव का नाम राजस्व विभाग के रिकॉड में नहीं होने से सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इसलिए गांव का नाम राजस्व विभाग में जोड़ा जाए। सड़क का निर्माण कराए जाए। उसका कहना है कि केंद्रीय मंत्री को सड़क बनवाते हुए न्यूज में देखता था, इसलिए उसी उम्मीद से आया हूं। जब तक मुलाकात नहीं होगी, यहीं रहूंगा।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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