
छत्तीसगढ़ के 450 अधिकारी-कर्मचारियों पर हो सकती है कार्रवाई
तहसीलदार-DSP स्तर के अफसरों पर प्रत्याशियों की मदद का आरोप; जांच में जुटा निर्वाचन आयोग
लोकसभा चुनाव के बीच छत्तीसगढ़ के 450 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन हो सकता है। आचार संहिता के बाद से DSP और तहसीलदार स्तर के अफसरों के खिलाफ प्रत्याशियों की मदद का आरोप लग चुका है। अलग-अलग अफसरों के खिलाफ ये शिकायत राजनीतिक दलों और आम लोगों ने भी है।
निर्वाचन आयोग शिकायत मिलने के बाद जांच में जुट गया है। शिकायत की जांच पूरी होने के बाद जांच अधिकारी रिपोर्ट बनाकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को देंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी रिपोर्ट पढ़ने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।

इस रैंक के अफसरों के खिलाफ शिकायत
कांग्रेस-बीजेपी के नेताओं के अलावा आम लोगों ने डीएसपी, निरीक्षक, तहसीलदार, शिक्षकों, नगर एवं ग्राम निवेशक, सहायक खाद्य निरीक्षक, उप निरीक्षक आबकारी, सहायक निरीक्षक, एरिया मैनेजर, प्रधान पाठक, प्रभारी संयुक्त संचालक, वनमंडल अधिकारी, उप वनमंडल, सब इस्पेक्टर रैंक के अधिकारी-कर्मचारियों की शिकायत की है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग से संबंधित शिकायत ज्यादा
निर्वाचन आयोग के पदाधिकारियों ने बताया, कि सबसे ज्यादा शिकायत शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग से संबंधित आई है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक जो अधिकारी लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ हैं, उनकी शिकायतों की संख्या ज्यादा है।
कांग्रेस ने अधिकारियों पर शिकायत देने पर एक्शन नहीं लेने और बीजेपी प्रत्याशी को सपोर्ट करने का आरोप लगाया है। वहीं बीजेपी ने शिकायत करने के बाद भी कांग्रेस प्रत्याशियों पर एक्शन नहीं होने पर वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है।



