Advertisment
ACB की रेडआबकारी विभागछत्तीसगढ़शराब नीति केस

CSMCL के पूर्व MD अरुणपति बिहार से गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में EOW ने करोड़ों के गहने-कैश किए जब्त; शराब कारोबारी पप्पू बंसल का बंगला सील

contact for Ad1
S G Travels
Screenshot 2026-01-25 175805
Screenshot 2026-01-25 175719
Screenshot 2026-01-25 175938
Screenshot 2026-01-25 180111
Screenshot 2026-01-25 180040
Screenshot 2026-01-25 180006
Screenshot 2026-01-25 175908
Screenshot 2026-01-25 175838

छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाला मामले में ACB-EOW ने शराब वितरण कंपनी CSMCL के पूर्व MD अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि उनकी गिरफ्तारी बिहार के गोपालगंज से की गई है। करीब 9 महीने जेल में रहने के बाद फरवरी में ही त्रिपाठी को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।

वहीं प्रदेश भर में पूर्व CM भूपेश बघेल के करीबियों के यहां रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित 21 ठिकानों पर गुरुवार को EOW ने छापा मारा था। कई स्थानों पर कार्रवाई खत्म हो गई है। इस दौरान ACB ने 19 लाख कैश, करोड़ों के गहने, लैपटॉप-पेन ड्राइव, संपत्ति के दस्तावेज सहित अन्य सामान जब्त किया है।

आबकारी विभाग के अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी को करीब 11 महीने पहले भी गिरफ्तार किया गया था। (फाइल फोटो)
आबकारी विभाग के अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी को करीब 11 महीने पहले भी गिरफ्तार किया गया था। (फाइल फोटो)

ACB के मुताबिक, बैंक में करोड़ों के निवेश के अलावा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनकी जांच की जा रही है। इन दस्तावेजों में आबकारी से अर्जित अवैध संपत्तियों से सामान्य निवेश और शैल कंपनियों के माध्यम से लेयरिंग, अनसिक्योर्ड लोन और निवेश संबंधी दस्तावेज मिले हैं। 2 हजार करोड़ से ज्यादा के शराब घोटाला मामले में ED ने ACB-EOW में केस दर्ज कराया है, जिसके बाद यह छापेमारी हुई है।

पप्पू बंसल के बंगले को ACB ने सील कर उस पर नोटिस चस्पा कर दिया है।
पप्पू बंसल के बंगले को ACB ने सील कर उस पर नोटिस चस्पा कर दिया है।

दुर्ग में शराब कारोबारी का बंगला सील

इसे भी पढ़ें:  बिलासपुर स्टेशन में चिल्लहर की समस्या खत्म, सभी टिकट काउंटरों पर डिजिटल पेमेंट सुविधा शुरू

EOW ने दुर्ग के खुर्सीपार में शराब कारोबारी पप्पू बंसल के बंगले को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस में कहा गया है कि तलाशी वारंट 10 अप्रैल को जारी किया गया था, लेकिन आज 11 अप्रैल को सर्च टीम पहुंची तो मकान बंद मिला। बिना EOW को सूचना दिए सील न खोलें। इसके अलावा टीम नेहरू नगर पूर्व स्थित शराब कारोबारी विजय भाटिया के बंगले की तलाशी ले रही है।

रेड की भनक लगते ही गायब हुआ पप्पू बंसल

ACB की इस रेड की जानकारी मिलने के बाद से पप्पू बंसल गायब है। बताया जा रहा है कि पप्पू बंसल कल रात 9 बजे तक भिलाई में था। इसके बाद अचानक वो लापता हो गया। जब ACB की टीम छापेमारी करने पहुंची तो वो घर पर नहीं मिला। वहीं, विजय भाटिया छापेमारी के दौरान घर पर मौजूद है।

न्यू खुर्सीपार स्थित शराब कारोबारी पप्पू बंसल का बंगला।
न्यू खुर्सीपार स्थित शराब कारोबारी पप्पू बंसल का बंगला।
इसी गाड़ी से छापेमारी के लिए पहुंचे ACB के अफसर।
इसी गाड़ी से छापेमारी के लिए पहुंचे ACB के अफसर।

बिलासपुर में तीन से चार जगहों पर दबिश

इसे भी पढ़ें:  “स्वतंत्रता दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ के सुपुत्र अरविंद राज डहरिया हुए सम्मानित, अमरताल कूलिंग सिस्टम्स ने बढ़ाया प्रदेश का मान”

इसी कड़ी में शराब कारोबार से जुड़े लोगों के साथ ही उनके सीए को ACB और EOW ने निशाना बनाया है। जिसमें बिलासपुर में भी टीम ने तीन से चार जगहों पर दबिश दी है। इसमें एफएल 10 ए कंपनी के सीए संजय मिश्रा के ऑफिस और घर सहित बाकी जगहों पर कार्रवाई की गई।

बिलासपुर में CA संजय मिश्रा के आवास में चल रही ACB-EOW की जांच।
बिलासपुर में CA संजय मिश्रा के आवास में चल रही ACB-EOW की जांच।

रायपुर में समता कॉलोनी स्थित गोविंद कुंज में कारोबारी अनिल अग्रवाल और सौरभ अग्रवाल के घर भी छापा मारा गया। यह कार्रवाई हवाला कारोबार से जुड़ी हुई है। साथ ही शराब और कोयला कारोबार से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर भी ACB-EOW की टीम ने दबिश दी है।

कारोबारी सौरभ अग्रवाल के रायपुर स्थित समता कॉलोनी निवास में भी कार्रवाई
कारोबारी सौरभ अग्रवाल के रायपुर स्थित समता कॉलोनी निवास में भी कार्रवाई

2 महीने पहले भी पड़ा था ACB-EOW का छापा

इसे भी पढ़ें:  देखते ही देखते नाले में बह गई स्विफ्ट कार, 3 लोगों ने जैसे तैसे बचाई अपनी जान, देखें वीडियो

दरअसल, ACB-EOW ने केस दर्ज करने के बाद करीब दो महीने पहले ​​​​बिलासपुर के ​​​सरगांव स्थित भाटिया डिस्टलरी और कोटा स्थित वेलकम डिस्टलरी में छापेमारी की थी। साथ ही दुर्ग के कुम्हारी स्थित केडिया डिस्टलरी, रायपुर में अनवर ढेबर, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड समेत रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा के ठिकानों पर जांच की थी।

माना जा रहा है कि उस कार्रवाई में मिले इनपुट के आधार पर टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।

कांग्रेस शासनकाल में ED की रेड पड़ चुकी है

दोनों ही बड़े शराब कारोबारी हैं और शराब घोटाले से इनके नाम जुड़े हैं। इन दोनों के यहां पिछले साल कांग्रेस शासनकाल में ED की रेड पड़ चुकी है। ED ने इनके यहां छापेमारी कर जांच तो की, लेकिन एक भी बार दोनों गिरफ्त में नहीं आए।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles