Advertisment
छत्तीसगढ़

सावन का महीना शुरू : श्रवण नक्षत्र सहित आयुष्मान का अनूठा संयोग, तीसरे सोमवार को मनेगी नाग पंचमी

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

रायपुर। श्रवण नक्षत्र में सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, श्रवण नक्षत्र एक देवगण नक्षत्र है। । इस नक्षत्र में किए गए मंत्र जाप, ध्यान और व्रत का प्रभाव अधिक माना जाता है। साधक को मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। सावन के पहले दिन आयुष्मान योग बहुत शुभ माना जाता है, जो आज निर्मित हो रहा है। आयुष्मान योग को दीर्घायु, स्वास्थ्य, सुख और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला शुभ योग माना गया है। इसके अतिरिक्त ग्रहों की शुभ स्थिति के कारण इस दिन शश महापुरुष राजयोग, हंस राजयोग, गुरु-आदित्य राजयोग बन रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  बदमाशों ने लाठी-डंडे से दुकानदार को पीटा:जांजगीर-चांपा में दुकान में घुसकर तोड़फोड़; बाइक चोरी की FIR दर्ज कराने पर वारदात

प्रारंभ होगी मंगला गौरी व्रत 
संयोग बन रहा है जब श्रावण सोमवार के दिन ही नाग पंचमी मनाई जाएगी। भगवान शिव के प्रिय दिन सोमवार और नागपंचमी का एक साथ पड़ना इसे अत्यंत शुभ बना रहा है। बीते वर्ष 29 जुलाई मंगलवार को नाग पंचमी मनाई गई थी, हालांकि कुछ हिस्सों में 28 जुलाई सोमवार को नाग पंचमी का पूजन किया गया था। 23 वर्ष पश्चात पहली बार सभी स्थानों में सोमवार को ही नाग पंचमी मनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त सावन माह के प्रत्येक मंगलवार को सुहागिन महिलाएं मंगला गौरी व्रत रखेंगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत के पालन से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

इसे भी पढ़ें:  चचेरे भाई ने नाबालिग बहन के साथ किया दुष्कर्म… आरोपी गिरफ्तार

तड़के 4 बजे प्रथम आरती
राजधानी के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वरनाथ मंदिर में श्रावण मास की प्रथम आरती गुरुवार तड़के 4 बजे की गई। इसके पूर्व जलाभिषेक व श्रृंगार हुआ। यहां दर्शन के लिए पट रात्रि 10 बजे तक खुले रहेंगे। प्रतिदिन यही क्रम रहेगा। इसी भांति शहर के अन्य शिवालयों में भी श्रावण मास की तैयारियां पूर्ण किए जाने के साथ ही विविध व्यवस्थाएं की गई हैं।

गोधुली बेला के पूर्व जलाभिषेक
कवर्धा शिव भोरमदेव मंदिर के पंडित आशीष शास्त्री ने बताया कि शिव को जल सर्वाधिक प्रिय है। ब्रहम मुहूर्त से जलाभिषेक प्रारंभ कर सकते हैं। गोधूली बेला के पूर्व तक जलाभिषेक करना अधिक श्रेष्ठ है।

इसे भी पढ़ें:  CGPSC घोटाला मामले में 05 और आरोपी गिरफ्तार, सभी को भेजा गया CBI की रिमांड पर

संपूर्ण मास शिव को अर्पित
रायपुर जिले स्थित महादेव घाट में गोस्वामी, हाटकेश्वरनाथ मंदिर के पंडित सुरेश गिरी ने बताया कि, सावन का पूरा महीना ही शिव को समर्पित है। कोई मुहूर्त या विशेष योग-संयोग ना होने पर भी पूजन अनंत फलदायी है।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles