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COVID-19: कोरोना के नए वैरिएंट ‘FLiRT’ की भारत में एंट्री, देश के कई राज्यों में फैला, सिंगापुर-अमेरिका में मचा रहा है कोहराम

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COVID-19 New Variant FLiRT: गर्मी के साथ ही एक बार फिर से देश में कोरोना गर्म हो गया है। कोविड-19 का एक नया वैरिएंट देश में एंट्री कर चुका है- और तेजी से फैल रहा है। भारत में ओमिक्रॉन के दो वैरिएंट KP.2 और KP.1  की एंट्री हुई है। यह वैरिएंट देश के कई राज्यों में फैल चुका है। इसके मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके कारण सिंगापुर और अमेरिका में भी एक बार फिर से कोरोना की नई लहर आने की संभावना बढ़ गई है। KP.2 और KP.1 को ‘FLiRT’ नाम दिया गया है। ‘FLiRT’ ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स का एक ग्रुप है और ये दोनों (KP.2 और KP.1) इस ग्रुप के अंदर ही आते हैं। कोरोना का यह सब-वैरिएंट्स इम्यूनिटी को चकमा दे रहा है।

भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अब तक कोविड-19 के 324 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें केपी.2 के 290 मामले और केपी.1 के 34 मामले अबतक मिल चुके हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO-World Health Organization) के मुताबिक, ग्लोबल लेवल पर कोविड-19 का जेएन.1 और इसके सब-वैरिएंट चिंता का विषय हैं, जिनमें केपी.1 और केपी.2 शामिल हैं. ग्लोबल हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने KP.2 को वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग के रूप में रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना के बढ़ते मामलों से भारत में फिलहाल हॉस्पिटल में एडमिट होने और गंभीर मामलों में कोई वृद्धि नहीं हुई है इसलिए चिंता या घबराहट की कोई बात नहीं है। म्यूटेशन तेजी से होते रहेंगे क्योंकि यह SARS-CoV2 जैसे वायरस का नेचर है।

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इन राज्यों में मिले केस

KP.1 के 34 मामले सात राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पाए गए हैं, जिनमें से 23 मामले पश्चिम बंगाल से दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र से KP.1 के 4 मामले, राजस्थान और गुजरात से 2-2 और गोवा, हरियाणा और उत्तराखंड से 1-1 मामला सामने आया है। इसी तरह INSACOG ने देश भर में KP.2 के लगभग 290 मामलों का पता लगाया है, जिनमें अकेले महाराष्ट्र से 148 मामले शामिल हैं. KP.2 सब-वैरिएंट वाले अन्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में पश्चिम बंगाल में 36, गुजरात में 23, राजस्थान में 21, उत्तराखंड में 16, ओडिशा में 17, गोवा में 12, उत्तर प्रदेश में 8, कर्नाटक में 4, हरियाणा में 3, मध्य प्रदेश और दिल्ली में 1-1 मामला सामने आया है।

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म्यूटेशन के तकनीकी नाम के आधार पर मिला FLiRT उपनाम

कोरोनावायरस के दो नए सब-वैरिएंट KP.2 और KP.1 को ‘FLiRT’ नाम दिया गया है. ‘FLiRT’ ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स का एक ग्रुप है और ये दोनों इस ग्रुप के अंदर ही आते हैं. KP.1 और KP.2 को ‘FLiRT’ उपनाम वैज्ञानिकों ने उनके म्यूटेशन के तकनीकी नाम के आधार पर दिया है. FLiRT में शामिल KP.2 और KP.1, ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट JN.1 के वंशज हैं जिसने पिछले साल काफी तबाही मचाई थी।

अमेरिका, दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड में अधिक प्रभावशील

लेकिन पिछले कुछ समय से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड में कोरोना के मामले बढ़ने का कारण FLiRT ही है जिस कारण वहां पर COVID-19 लहर की आशंका फिर से बढ़ गई है। केपी.2 और केपी.1, दोनों सिंगापुर में कोरोना के मामलों में अचानक हुई बढ़त के लिए जिम्मेदार हैं। सिंगापुर में कोरोना की नई लहर आ सकती है क्योंकि हेल्थ डिपार्टमेंट ने वहां पर 5 से 11 मई तक 25,900 से अधिक मामले दर्ज किए है और ये मामले हर हफ्ते दोगुने हो रहे हैं।

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क्या है FLiRT?

FLiRT में दो प्रमुख वैरिएंट, KP.2 और KP.1 शामिल हैं जो JN.1 (ओमिक्रॉन की शाखा) के सब-वैरिएंट हैं। इनमें 2 नए स्पाइक म्यूटेशन हैं. KP.2 (JN.1.11.1.2) वैरिएंट JN.1 का वंशज है, जिसमें S:R346T और S:F456L दोनों मौजूद हैं। जापान के रिसर्चर्स की स्टडी के मुताबिक, KP.2 की संक्रामकता JN.1 की तुलना में काफी (10.5 गुना) कम है। KP.2 तेजी से फैल रहा है। अनुमान है कि KP.1 वर्तमान में अमेरिका में लगभग 7.5 प्रतिशत नए कोविड मामलों के लिए जिम्मेदार है। जब दोनों (KP.2 और KP.1) साथ में होते हैं तो यह और भी आक्रामक हो जाते हैं। KP.2 (जिसे JN.1.11.1.2 भी कहा जाता है) को JN.1 की तीसरी पीढ़ी माना जा रहा है जिसे पिछले साल दिसंबर में वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में देखा गया था। मई 2024 तक वैश्विक स्तर पर फैलने वाले मुख्य वैरिएंट KP.2, JN.1 और KP.1 ही हैं।

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