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मुंबई उपभोक्ता न्यायालय ने Xiaomi इंडिया पर लगाया जुर्माना, पीड़ित ग्राहक को देने होंगे इतने रूपए…

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मुंबई. जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (DCDRC), मध्य मुंबई ने Xiaomi टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई Xiaomi के स्मार्टफोन में बार-बार आ रही समस्याओं के कारण शिकायतकर्ता आकाश रमेश कुमार गुप्ता की शिकायत पर की गई है.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, रमेश गुप्ता ने 4 अक्टूबर 2020 को ₹18,500 में श्याओमी का मोबाइल हैंडसेट खरीदा था. इसके बाद, वारंटी अवधि खत्म होने के बाद, गुप्ता को फोन में एक मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट का पता चला, जो MIUI सॉफ़्टवेयर अपडेट करने के बाद और अधिक बढ़ गया था. यह सॉफ़्टवेयर अपडेट श्याओमी द्वारा ही जारी किया गया था. श्याओमी के तकनीशियनों ने कई बार मरम्मत करने का प्रयास किया और ₹10,500 का मरम्मत शुल्क भी लिया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ. इस स्थिति से निराश होकर, गुप्ता ने श्याओमी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर, उन्होंने 21 जुलाई 2023 को उपभोक्ता न्यायालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.

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न्यायालय की टिप्पणियाँ

  • उपभोक्ता की स्थिति और सेवा में कमी का निर्धारण: 

अदालत ने पहले गुप्ता की उपभोक्ता के रूप में स्थिति को स्थापित किया, यह मानते हुए कि उन्होंने श्याओमी से सेवा प्राप्त करने और भुगतान करने की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया था. न्यायाधीशों ने कहा, “शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता के रूप में अपनी स्थिति साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश किए हैं, और बिना किसी चुनौती के प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ सेवा में कमी के दावों का समर्थन करते हैं.”

  • लापरवाही और अनुचित व्यापार व्यवहार: 

अदालत ने श्याओमी के रवैये की आलोचना की, खासकर गुप्ता के फोन में बार-बार उत्पन्न हो रही समस्याओं को हल करने में कंपनी की विफलता पर. अदालत ने टिप्पणी की, “बार-बार उपभोक्ता शिकायतों के बावजूद श्याओमी द्वारा रचनात्मक रूप से समाधान की दिशा में प्रयासों की कमी को सेवा में अस्वीकार्य कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाता है, जो उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करता है.”

  • मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए मुआवजे का अधिकार: 
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अदालत ने श्याओमी की लापरवाही के कारण गुप्ता द्वारा झेली गई मानसिक पीड़ा और वित्तीय नुकसान को स्वीकार करते हुए कहा, “बार-बार समाधान न मिलने से शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है, जिसके लिए मुआवजे की आवश्यकता है.”

न्यायालय का निर्णय और आदेश:

सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद, न्यायालय ने श्याओमी को निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • – खरीदी राशि की वापसी: 

श्याओमी को ₹18,500 की पूरी राशि, फोन के मूल्यह्रास के हिसाब से, दो वर्षों में प्रति वर्ष 15% मूल्यह्रास कटौती के साथ वापस करनी होगी.

  • – मानसिक पीड़ा के लिए मुआवज़ा: 

श्याओमी को गुप्ता को मानसिक पीड़ा और उसके साथ हुए उत्पीड़न के लिए ₹10,000 का मुआवज़ा भी देना होगा.

  • – मुकदमे की लागत: 
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गुप्ता को कानूनी खर्चों के रूप में ₹5,000 भी दिए जाएंगे.

न्यायालय ने यह भी कहा, “अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में लापरवाही उपभोक्ताओं को अनुचित कठिनाई का कारण बनती है, और कंपनियों को ऐसी कमियों के लिए ज़िम्मेदारी उठानी चाहिए.”

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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