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दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज: पहली बार चिनाब पुल पर दौड़ी ट्रायल ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शेयर किया Video

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जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज बनकर तैयार है। दिसंबर में इसका उद्घाटन हो सकता है। इससे पहले रविवार (16 जून) को पहली बार ट्रायल ट्रेन ने इसे पार किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। यह रेलवे ब्रिज श्रीनगर को देश के बाकी हिस्सों से जुड़ेगा। जो कि ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट (USBRL) का हिस्सा है।

रेल मंत्री ने शेयर किया ट्रायर रन का वीडियो
रेलवे अधिकारियों ने रविवार को रामबन जिले के संगलदान और जम्मू कश्मीर के रियासी के बीच चिनाब रेलवे ब्रिज का निरीक्षण किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X पोस्ट में लिखा- संगलदान से रियासी तक पहली ट्रायल ट्रेन चलाई गई है, इसमें चिनाब ब्रिज को पार करना भी शामिल है। यूएसबीआरएल का कंस्ट्रक्शन वर्क लगभग खत्म हो चुका है। सिर्फ टनल क्रमांक 1 आंशिक रूप से अधूरी है।

 

श्रीनगर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ेगा ब्रिज
इस रेलवे ब्रिज को उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। इससे ट्रेन 7 स्टेशनों से होकर बारामूला पहुंचेगी। जिससे श्रीनगर को देश के बाकी हिस्सों से जुड़ेगा और घाटी के रहवासियों को आने-जाने में आसानी होगी।

1) चिनाब रेलवे ब्रिज एक नजर में जानिए?

  • इस पुल की लंबाई 1317 मीटर और ऊंचाई 359 मीटर है। यह पुल पेरिस में बने एफिल टॉवर से 35 मीटर और  दिल्ली की कुतुब मीनार से करीब 5 गुना ऊंचा है। जो भूकंप और 260 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवा को भी आसानी से सहन कर सकता है।
  • चिनाब रेल पुल के निर्माण में 30,000 मीट्रिक टन स्टील इस्तेमाल हुआ है, जिसमें 1486 करोड़ की लागत आई है। चिनाब ब्रिज रियासी जिले के बक्कल और कौड़ी के बीच बनाया गया है। ब्रिज का उद्घाटन दिसंबर 2024 तक किया जा सकता है।
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2) अंजी ब्रिज रियासी को कटरा से जोड़ेगा

  • इसके अलावा रेलवे ने अंजी नदी पर देश का पहला केबल रेलवे पुल तैयार कर लिया है। जो कि कश्मीर के रियासी को कटरा से जोड़ेगा। यह चिनाब ब्रिज से महज 7 किलोमीटर दूर है। अंजी नदी पर सिंगल ऑर्च रेलवे ब्रिज तैयार हो चुका है। इसका निर्माण भारतीय रेलवे ने किया है।
  • अंजी ब्रिज पर 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ सकती है। हालांकि, हवाओं की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटा हुई तो इस स्थिति में ट्रेन संचालन रोकना पड़ेगा।

अंजी पुल की कितना है लाइफ?
अंजी नदी पर बना रेलवे पुल 120 साल तक सुरक्षित रहेगा। इसकी मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह 40 किलो आरडीएक्स का धमाका आसानी से झेल सकता है। ब्रिज में गड़बड़ी का पता लगाने के लिए बीच-बीच में सेंसर लगाए गए हैं। ब्रिज भूंकप के दौरान भी सुरक्षित रहेगा।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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