
बालोद जिले में मंगलवार को आंगनबाड़ी गए 3 साल का नैतिक सिंह नाले के तेज बहाव में बह गया। 20 घंटे बाद बुधवार सुबह घटनास्थल से 3 किलोमीटर दूर भेड़ी नाले के पास उसका शव मिला है। कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए 4 सदस्यीय कमेटी गठित की है। घटना डोंडीलोहारा के भेड़ी गांव का है।
थाना प्रभारी तुलसी जायसवाल ने बताया कि, आंगनबाड़ी में खेलते समय बच्चा नाले में बह गया था। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम गांव पहुंची और खोजबीन शुरू कर दी थी। आज एसडीआरएफ की टीम के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में बच्चे को खोज निकाला।
जिस नाले में बच्चा मिला है, वो छोटे नाले से बड़े नाले में जाकर मिलता है। जिससे भेड़ी नाला कहा जाता है। रात में अंधेरा और बारिश होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में काफी दिक्कतें हुई।
आंगनबाड़ी स्टाफ पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने आंगनबाड़ी स्टाफ की कार्यकर्ता और सहायिका पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अभी तक प्रशासन की तरफ से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के ऊपर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गांव में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को लेकर लोगों में नाराजगी है, क्योंकि आंगनबाड़ी जाने के बाद बच्चों की पूरी जवाबदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की होती है।
कलेक्टर ने गठित की जांच समिति
घटनाक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर 4 सदस्यीय टीम का गठन किया है, जो तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। इसमें अनुविभागीय दण्डाधिकारी डौण्डीलोहारा अध्यक्ष, सदस्य के तौर पर डौण्डीलोहारा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), बालोद जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, सचिव और ग्राम पंचायत भेड़ी शामिल है।

बालोद में यह 5वीं मौत
- पिछले 5 दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। सभी छोटे-बड़े नदी नाले विकराल रूप में हैं।
- जिस दिन पहली बारिश हुई, उसी दिन दो लोगों की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई थी।
- अगले दिन भानपुरी के एक डॉक्टर कार सहित नाले में बह गए, जिसकी मौत हो गई।
- तीसरे दिन मुल्लेगुड़ का एक 17 वर्षीय बालक बाढ़ की चपेट में आने से नदी में बह गया।
- मंगलवार को 3 साल का मासूम छोटे नाले के तेज बहाव में बह गया।



