
छत्तीसगढ़ में नक्सली सरकार से बातचीत करने के लिए सशर्त तैयार हो गए हैं। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी किया है। विकल्प का कहना है कि, गृहमंत्री सिर्फ झूठ बोलते हैं। हमने पहले भी कहा था वार्ता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। साथ ही कॉरपोरेट घरानों के साथ किए गए सभी समझौतों को रद्द करें। मुठभेड़ बंद करें और सर्च ऑपरेशन पर रोक लगाएं।
विकल्प के प्रेस नोट में लिखा है कि, छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा माओवाद संगठन के साथ वार्ता के लिए लगातार बयान जारी कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने बीजापुर के जांगला में भी बयान दिया था। हालांकि, माओवाद संगठन ने भी वार्ता के लिए पहले भी अपना बयान दिया था, लेकिन गृहमंत्री हमारे बयानों का कोई सीधा जवाब नहीं दे रहे हैं।

माओवाद संगठन उत्पीड़न और शोषित वर्ग की जनता के हित और स्थायी शांति के लिए तैयार है। लेकिन सरकार वार्ता के लिए सबसे पहले अनुकूल वातावरण तैयार करे। इसके साथ ही महिला-पुरुष समानता के आधार पर समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। महिलाओं पर राज्य हिंसा को खत्म किया जाए।
समझौता करें रद्द
देश और विदेशों के कॉरपोरेट कंपनियों के साथ किए गए उन तमाम बड़ी खनन, औद्योगिक, सड़क, रेल, पर्यटन, टाइगर रिजर्व अभ्यारण परियोजनाओं से संबंधित सभी समझौते को रद्द किया जाए। आदिवासियों को उनके जल-जंगल-जमीनों से बेदखल न किया जाए। ये समझौते देश पर्यावरण को बर्बाद करने वाले हैं। ऐसे समझौतों को तत्काल रद्द करें।

मुठभेड़ पर रोक लगाएं
आदिवासियों पर अत्याचारों और झूठी मुठभेड़ को बंद करना एवं आदिवासी इलाकों में सैन्यकरण को रोकना एवं कॉरपोरेट सिक्योरिटी को वापस लिया जाए। सभी आदिवासी भाषाओं का विकास एवं प्राथमिक शिक्षा का माध्यम, आदिवासियों के लिए जनगणना में अलग धर्म कोड का कॉलम बनाया जाए।



