
मोदी के नाम पर सरगुजा में कंट्रोवर्सी, हेलीपैड बनाने खोदा गया गांधी स्टेडियम का पिच
सिंहदेव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर कहा- तत्काल रुकवाएं काम
सरगुजा लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर कंट्रोवर्सी शुरू हो गई है। गांधी स्टेडियम में क्रिकेट पिच को उखाड़ कर कंक्रीट हेलीपैड बनाया जा रहा है। जिसका नगर निगम, खेल संघ और कांग्रेस ने इसका विरोध किया है। टीएस सिंहदेव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल काम रोकने को कहा है। मेयर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि, इस बारे में न पूछा न बताया गया।
दरअसल, 24 अप्रैल को पीएम मोदी अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। जिसकी तैयारी चल रही है। अंबिकापुर में नरेंद्र मोदी की यह तीसरी चुनावी सभा है। इससे पहले, साल 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले पीजी कॉलेज में लाल किले की तरह बनाए गए मंच से आमसभा को संबोधित किया था। फिर 2018 में यही सभा की थी।

स्टेडियम को किया बंद, हेलीपैड का निर्माण शुरू
प्रशासन ने मोदी के दौरे को लेकर हेलीपैड बनाने के लिए गांधी स्टेडियम पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया है। गांधी स्टेडियम को शुक्रवार शाम से बंद कर दिया गया है। यहां पिच और ग्राउंड को खोदकर बड़ी मात्रा में गिट्टी, रेत गिराकर कंक्रीट के हेलीपैड का निर्माण चल रहा है। स्टेडियम को बंद करने से खिलाड़ियों के साथ आम लोग परेशान हो गए हैं।

पहले पीजी कॉलेज ग्राउंड में ही बनते रहे हैं हेलीपैड
इससे पहले भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी, नरेंद्र मोदी की सभा अंबिकापुर में हो चुकी है। अब तक पीजी कॉलेज में ही हेलीपैड बनाया जाता रहा है। कॉलेज ग्राउंड करीब 23 एकड़ का है। इसके एक हिस्से में सभा का मंच और दूसरे हिस्से में हेलीपैड बनाया जाता रहा है। इस बार प्रशासन ने इसे बदल दिया।
कई ऑप्शन, फिर स्टेडियम ही क्यों
अंबिकापुर शहर में हेलीपैड बनाने के लिए कई ऑप्शन भी हो सकते थे, लेकिन गांधी स्टेडियम को ही क्यों चुना गया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। अंबिकापुर में पीजी कॉलेज मैदान, कलाकेंद्र मैदान, पॉलिटेक्निक मैदान, पुलिस लाइन मैदान के साथ ही किसान राइस मिल के पास मैदान का ऑप्शन मौजूद था।

महापौर बोले, जानकारी ही नहीं
अंबिकापुर महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि जिला प्रशासन ने ओवरटेक कर गांधी स्टेडियम को हेलीपैड के लिए दिया है। इस बारे में न निगम से पूछा न बताया गया। यहां पिच बना था। चालू स्टेडियम में हेलीपैड का निर्माण होने से खेल गतिविधियां बंद हो जाएंगी। निगम के पास इतनी राशि नहीं है कि तत्काल स्टेडियम को फिर से रिस्टोर कर चालू कराया जा सके।



