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जांजगीर-चांपा में जिला प्रशासन ने रोका बाल विवाह

घर में चल रही थी मंडप की तैयारी, दूल्हा 18 और दुल्हन 17 साल की थी

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जांजगीर चांपा जिले में जिला प्रशासन ने समय रहते बाल विवाह को रुकवाया है। 14 अप्रैल से शादी को लेकर मंडप सजाने की तैयारी चल रही थी, जहां प्रशासन ने परिजनों को समझाइश देकर शादी रुकवाई। पूरा मामला नवागढ़ जनपद पंचायत के ग्राम तुरी (हीरागढ़) का है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अंकसूची के आधार पर दूल्हे की उम्र 18 वर्ष 9 माह और दुल्हन की उम्र 17 वर्ष 7 माह 13 दिन पाई गई। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस टीम ने नाबालिगों के माता-पिता को समझाइश दी।

शादी रोकने पर परिजनों ने जताई सहमति

कलेक्टर आकाश छिकारा ने बाल विवाह रोकने के निर्देश दिए हैं, जिसपर महिला एवं बाल विकास अधिकारी अनीता अग्रवाल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र जायसवाल और पुलिस की टीम ने नाबालिगों की शादी रुकवाई। विवाह के योगय नहीं होने पर माता-पिता और परिजनों ने शादी रोकने पर सहमति जताई।

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बाल विवाह के दुष्परिणाम से कराया अवगत

इस दौरान मौके पर उपाथित अधिकारियों ने बाल विवाह होने से आने वाली परेशानियों से अवगत कराया। साथ ही कानूनी कार्रवाई के बारे में भी बताया गया, जिसमें बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष तय किया गया है

निश्चित उम्र से कम स्थिति में बाल विवाह करने पर पुलिस विभाग द्वारा अपराध दर्ज करते हुए विवाह कराने वाले माता-पिता और विवाह में सम्मिलित होने वाले रिश्तेदार विवाह करने वाला पंडित के खिलाफ भी कार्रवाई होती। इस अधिनियम के तहत 2 साल का कठोर सश्रम का और 1 लाख रुपए जुर्माने या दोनों से सजा सुनाई जाने का प्रावधान है।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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