Advertisment
छत्तीसगढ़

सरकारी दफ्तर के चक्कर से मिलेगी मुक्ति, भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट शुरू सरल और पारदर्शी होगी प्रक्रिया

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सशक्त बनाते हुए सोमवार को नागरिक सुविधा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण और अभिनव पहल शुरू की गई। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा तथा ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का औपचारिक राज्यव्यापी शुभारंभ किया।ये दोनों डिजिटल पहल राज्य में ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इन सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को अब राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कार्यवाही पूरी तरह सरल, तेज़ और पारदर्शी होगी।राजस्व सेवाओं की जानकारी मोबाइल पर भीभुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिक अब अपने मोबाइल फोन पर ही विभिन्न राजस्व सेवाओं की जानकारी और सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

इसे भी पढ़ें:  स्कूल में मिली नवयुवक की लाश: दशहरा की छुट्टी के बाद स्कूल खुलते ही फैली सनसनी, पांच दिन से था लापता

यह सेवा नागरिकों को डिजिटल माध्यम से सीधे शासन से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है, जो राज्य की डिजिटल रूपांतरण यात्रा को नई गति प्रदान करेगी। इस चैटबॉट सेवा के अंतर्गत नागरिकों को जमीन संबंधी जानकारी, राजस्व न्यायालय से संबंधित जानकारी, मोबाइल नंबर जोड़ने की सुविधा, आधार नंबर जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन, किसान किताब के लिए आवेदन, नामांतरण के लिए आवेदन सहित अन्य नागरिक हितैषी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नागरिक इन सभी सेवाओं का लाभ घर बैठे केवल एक व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से ले सकते हैं। इस सेवा का उपयोग करने के लिए नागरिक 7289056060 नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर व्हाट्सऐप पर संदेश भेज सकते हैं, जिसके पश्चात चैटबॉट तुरंत आवश्यक जानकारी एवं सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

इसे भी पढ़ें:  कबीर नगर इलाके में रायपुर पुलिस ने मारा छापा, 100 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई, 1 आरोपी गिरफ्तार

ऑटो-डाइवर्ज़न सुविधा भी शुरूवर्मा ने एक और महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का भी शुभारंभ किया। यह सुविधा भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाकर नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान करेगी। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब नागरिक बिना किसी कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाए अपने भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के साथ छह आवश्यक दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड अनिवार्य किया गया है।…

तो स्वत: जारी होगा प्रमाण पत्र

यदि निर्धारित समय सीमा में कोई निर्णय नहीं होता है, तो नागरिक को डिम्ड डाइवर्ज़न प्रमाणपत्र स्वतः जारी कर दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी और शासन की जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।

इसे भी पढ़ें:  कुलदीप साहू के घर चला बुलडोजर, सूरजपुर डबल मर्डर का है मुख्य आरोपी

नागरिक हितों की सुरक्षा के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि नागरिक द्वारा गणना की गई राशि वास्तविक देय राशि से कम पाई जाती है, तो सक्षम अधिकारी द्वारा इसकी सूचना दी जाएगी। इस अवसर पर राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले तथा संचालक राजस्व विनीत नंदनवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles