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छत्तीसगढ़

बिलासपुर–उरगा फोरलेन को मिली रफ्तार, मुआवजा विवाद सुलझने के बाद NHAI ने शुरू किया काम

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बिलासपुर। भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन बिलासपुर–उरगा फोरलेन एक्सप्रेस-वे के कार्य में अब तेजी आ गई है। ढेका क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे जमीन मुआवजा विवाद के सुलझने के बाद एनएचएआइ ने दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, भारतमाला प्रोजेक्ट को हर हाल में जून तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

बिलासपुर से कोरबा को जोड़ने वाली 1,520 करोड़ रुपये की लागत की यह फोरलेन सड़क लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन ढेका के पास करीब 400 मीटर का हिस्सा पूरी परियोजना में बाधा बना हुआ था। आउटर ढेका क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण और फर्जी बटांकन के कारण मामला संभागायुक्त न्यायालय तक पहुंच गया था।

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एनएचएआइ की आपत्ति के बाद जब मामले की जांच हुई तो सामने आया कि भ्रष्ट अधिकारियों और बिचौलियों ने मिलकर शासन को 22.96 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी। पहले 40 किसानों को 23.12 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की तैयारी की गई थी। मामला आर्बिट्रेशन में पहुंचने पर यह भी सामने आया कि बैकडेटेड बटांकन कर जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा गया था, ताकि मुआवजे की राशि बढ़ाई जा सके।

जांच के बाद सच्चाई सामने आने पर मशीनों ने दोबारा काम शुरू कर दिया है और परियोजना की रफ्तार बढ़ गई है।

साजिश का पर्दाफाश, ऐसे बढ़ा विवाद

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वर्ष 2018 में भूमि अधिग्रहण की थ्री-डी अधिसूचना जारी होने से पहले ही वर्ष 2017 में आनन-फानन में 33 फर्जी बटांकन दर्ज कर दिए गए थे। एक ही दिन में 22 और अगले दिन 11 बटांकन किए गए। इसका उद्देश्य जमीन को छोटे टुकड़ों में दिखाकर मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ाना था। अधिकारियों और बिचौलियों की वजह से 1,520 करोड़ की योजना में 37 करोड़ रुपये से अधिक का विवाद खड़ा हो गया।

भारतमाला प्रोजेक्ट से विकास को मिलेगी रफ्तार

केंद्र सरकार की 1,520 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 70 किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग 130ए क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति देगा। ग्राम ढेका से उरगा तक फैला यह मार्ग विशेष रूप से कोयला परिवहन को बढ़ावा देगा।

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अधिकारियों का क्या कहना

बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि “संशोधित अवार्ड के बाद अब पारदर्शी तरीके से केवल 1.16 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरण किया जा रहा है। इस मार्ग के शुरू होने से बिलासपुर और कोरबा के करीब पांच लाख लोगों को सुगम यातायात सुविधा मिलेगी। प्रतिदिन 10 हजार से अधिक वाहनों के गुजरने से समय और ईंधन की बचत होगी।”

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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