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छत्तीसगढ़

सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले को मिलेंगे 25 हजार रुपये

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को 25 हजार रुपये की नगद राशि से पुरस्कृत किया जाएगा. यह पुरस्कार एक राहवीर को अधिकतम पांच बार मिल सकेगा.

मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में राहवीर योजना की समीक्षा करते हुए परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के विशेष मौकों पर सम्मानित किया जाए.

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने अधिकारियों को भारत सरकार की राहवीर योजना का क्रियान्वयन गंभीरता से करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस योजना के  बेहतर क्रियान्वयन में स्वयंसेवी संगठनों का भी सहयोग लिया जाए. इसके अलावा, स्कूल, कॉलेजों में भी विद्यार्थियों को इस संबंध में जागरूक किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मालवाहक वाहनों में यात्री ढोने पर सख्त कार्रवाई की जाए.

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सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से कराने के लिए सख्ती बरती जाए. इसी प्रकार चार पहिया वाहन में यात्रा करने वाले लोगों के लिए सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से होना चाहिए. इसके अलावा बैठक में सड़कों पर आवारा पशुओं को हटाने और राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य के प्रमुख सड़कों पर होर्डिंग लगाने और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरुकता के लिए कंटेन्ट तैयार कर जारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए.

सुरक्षा समिति में ये अफसर होंगे शामिल

परिवहन मंत्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भारत सरकार की राहवीर योजना के क्रियान्वयन के लिए कलेक्टरों की अध्यक्षता में सुरक्षा समिति गठित की गई है. सड़क सुरक्षा समिति में मिलने वाले प्रस्तावों की समीक्षा कर पुरस्कार के लिए राहवीरों का चयन किया जाएगा. यह समिति राज्य के सभी पुलिस थानों और अस्पताल से जानकारी लेकर प्रत्येक प्रकरण की समीक्षा करेगी. मूल्यांकन समिति में जिला कलेक्टर के अलावा पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सक,  स्वास्थ्य अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी शामिल होंगे. यह समिति राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए संबंधित प्रकरण परिवहन आयुक्त को भेजेंगे, इन प्रकरणों के परीक्षण के बाद संबंधित राहवीरों को डीबीटी के माध्यम से पुरस्कार राशि भेजी जाएगी.

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दुर्घटना रोकने के लिए किए जाएंगे ये उपाय

छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट से गुजरने वाले वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग  के अधिकारियों को सुरक्षात्मक उपाय किए जाने के निर्देश दिए गए. बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि सभी टोल नाकों के आसपास अनियंत्रित गति पर चल रहे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए 22 पेट्रोलिंग टीम गठित की गई है. ये टीमें महत्वपूर्ण सड़कें जहां भारी वाहनों का अत्याधिक ट्रैफिक दबाव होता है, वहां अगले 50 किलोमीटर तक का रोड क्लिरेंस करेगी और आवारा पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उन्हें सड़कों से हटाने का काम करेगी.

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इसके अलावा यह टीम आवारा पशुओं को काउ कैचर टीम को सौंपेगी. इसके लिए राज्य में 113 काउ कैचर टीम गठित की गई है. इसके साथ ही बैठक में हिट एण्ड रन प्रकरण सहित विभिन्न सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई. इस बैठक में अंतरविभागीय लीड एजेंसी सड़क सुरक्षा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. संजय शर्मा ने प्रमुखता से छत्तीसगढ़ के समग्र सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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