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महाकुंभ 2025

550 km का सफर, 7 लोग, 20 हजार खर्च और पहुंच गए प्रयागराज : जाम से बचने दोस्तों ने लगाया जुगाड़, नाव से ही आ गए संगम नगरी

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प्रयागराज. महाकुंभ में रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. कोई भी संगम में स्नान का मौका नहीं छोड़ना चाहता. महाकुंभके प्रति लोगों की आस्था उन्हें संगम की धरती पर खींच कर ले आ रही है. लिहाजा किसी भी तरह से लोग प्रयागराज पहुंच रहे हैं. जिसे जो साधन मिला वो वैसे ही पहुंच रहा है. ऐसा ही एक वीडियो बीते दिनों वायरल हुआ. जिसमें बक्सर (बिहार) के 7 युवकों ने महाकुंभ में जाम से हो रही परेशानी से बचने के लिए अनोखा तरीका आजमाया. ये सभी गंगा नदी पर नाव चलाते हुए प्रयागराज पहुंचे और फिर इसी तरह वापस सुरक्षित लौट भी आए.

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बिहार के बक्‍सर स्थित कम्हरिया गांव के सात युवाओं का एक समूह 550 किलोमीटर की अनोखी यात्रा करके प्रयागराज के महाकुंभ पहुंचा. इसमें उन्हें करीब 20,000 रुपये का खर्च आया. युवकों ने नाव में दो इंजन लगाए थे. ताकि अगर एक में खराबी आए तो दूसरे इंजन से नाव चलती रहे. इतना ही नहीं युवाओं ने नाव पर ही खाने-पीने और आराम करने की व्यवस्था भी कर रखी थी. इन्होंने साथ में 5 किलो वाला गै सिलेंडर, चूल्हा, 20 लीटर पेट्रोल, सब्जी, चावल, आटा और रजाई-गद्दे रखे थे.

संगम से 5 किलोमीटर पहले रोका गया

युवकों ने 11 फरवरी सुबह 10 बजे बिहार के बक्सर जिले में कमहरिया गांव से यात्रा शुरू की. फिर वे कमहरिया से जमनिया, यूपी के गाजीपुर, वाराणसी होते हुए 12 फरवरी की रात करीब 1 बजे प्रयागराज पहुंचे. नाव को प्रयागराज में संगम पहुंचने से 5 किलोमीटर पहले रोक लिया गया. क्योंकि आगे पीपा (पांटून) पुल थे, इसलिए नाव संगम तक नहीं जा सकती थी.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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