
शनिवार रात अलग-अलग सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। बिलासपुर जिले में दो बाइकों की आमने-सामने भिंड़त हो गई। इसमें 3 युवकों की मौत हो गई। जबकि एक महिला गंभीर रूप से जख्मी है। वहीं बलरामपुर में हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार 2 युवकों की मौत हो गई।
बलरामपुर में हादसे के बाद रविवार को परिजन और सर्व आदिवासी समाज ने घंटों तक जमकर हंगामा किया। थाने के बाहर शव रखकर नारेबाजी की गई। दो-दो लाख रुपए मुआवजा और नौकरी के आश्वासन पर चक्काजाम खत्म हुआ।

- बिलासपुर हादसे में 2 बाइक भिड़ी
जानकारी के अनुसार, अमलीपारा के रहने वाले रामलाल सूर्यवंशी अपनी पत्नी सुशीला बाई सूर्यवंशी और भतीजे अश्वनी कुमार सूर्यवंशी के साथ एक बाइक में सवार थे। वे मोपका से मजदूरी का काम कर लौट रहे थे। वहीं सीपत की ओर से आ रही एक और बाइक सवार दीपेश सूर्यवंशी आ रहा था।
शाम करीब 7.30 बजे मटियारी पंधी के बीच नयनतारा कॉलेज के पास दोनों बाइक की टक्कर हो गई। तेज रफ्तार के चलते सभी लोग सड़क से दूर फेंका गए। इसमें दूसरी बाइक में सवार 22 साल के दीपेश सूर्यवंशी की मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं, पहली बाइक में सवार पति-पत्नी और 22 साल का भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना तत्काल 108 की टीम को दी गई। इसके बाद घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद सिम्स अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रेफर करने के दौरान 45 साल के रामलाल सूर्यवंशी की रास्ते में ही मौत हो गई। वहीं, अश्वनी ने भी सिम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि महिला का इलाज चल रहा है।

बलरामपुर में हादसे के बाद हंगामा
बलरामपुर जिले में दात्रम निवासी सिलेस्टिन तिर्की (20) अपने साथी दिलसाय ब्रिजनिया के साथ बाइक से सामरी पहुंचा था। वहां से दोनों सबाग की ओर जा रहे थे। रास्ते में डुमरखोली मोड़ के पास बाइक को तेज रफ्तार हाईवा ने कुचल दिया। हादसे में शवों के चिथड़े उड़ गए। रविवार को दोनों के शव का पोस्टमॉर्टम करने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
इसके बाद परिजन दोनों के शवों को लेकर सामरी थाने पहुंचे। थाने के सामने शवों को रखकर परिजनों के साथ सर्व आदिवासी समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। जिस वाहन से दोनों की मौत हुई, वह हिंडाल्को माइंस से बॉक्साइट परिवहन लगी थी। सर्व आदिवासी समाज और परिजनों ने मुआवजा और हिंडाल्को में नौकरी देने की मांग की। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने दो-दो लाख रुपए मुआवजा देने की सहमति दी है।

खराब सड़कों के कारण भी हादसे
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया है कि जिस वाहन से एक्सीडेंट हुआ है, वह गाड़ी भी नहीं पकड़ी गई है। सामरी इलाके की सड़कों की खराब हालत के कारण भी हादसे हो रहे हैं। ब\क्साइट परिवहन के कारण बारिश में सड़कें खराब हो गई हैं। सर्व आदिवासी समाज ने सड़कों में सुधार भी करने की मांग की है।



