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Vaishakhi Purnima 2024: वैशाखी पूर्णिमा पर आज चांद भी होगा खास, कहलाएगा फ्लावर मून
हिंदू मान्यता के अनुसार किसी बच्चे के जन्म के समय चंद्रमा आसमान में जिस नक्षत्र में होता है, उस आधार पर बच्चे का नामकरण किया जाता है। लेकिन क्या चंद्रमा का भी नामकरण होता है। इसके बारे में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने दिलचस्प जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वैशाख पूर्णिमा या बुद्ध पूर्णिमा (23 मई) के चंद्रमा को फ्लावर मून के नाम दिया गया है । कुछ भागों में इसे प्लांटिंग मून और मिल्क मून भी कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुवार शाम लगभग सात बजे के आसपास यह फ्लावर मून की स्थिति में पूर्व दिशा में उदित होता दिखेगा। रात भर आकाश में रहकर सुबह पश्चिम दिशा में अस्त होगा।
इसलिए पड़ा नाम
सारिका ने बताया कि पश्चिमी देशों में मई में कई जंगली फूल खिलते हैं, संभवत: रंग-बिरंगे फूलों ने वहां के निवासियों को चंद्रमा के इस नामकरण के लिए प्रेरित किया है। आकाश में विभिन्न ग्रह एवं चंद्रमा एक आकाशीय घड़ी के रूप में कार्य करते हैं, जिनसे दिन, महीने, साल का अनुमान लगाया जाता रहा है। भारत में माह का नामकरण पूर्णिमा पर चंद्रमा के आसपास स्थित नक्षत्र के नाम पर किया जाता रहा है। चूंकि चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है तो इस महीने का नाम वैशाख रखा गया तथा पूर्णिमा को वैशाखी पूर्णिमा नाम दिया गया है। इस तरह चंद्रमा भी हर माह अपना नाम बदलता है। अगला फ्लावर मून 12 मई 2025 को होगा।



