
कोरबा। बालको नगर कोरबा में सीटू एवं मार्क्सवादी काम्यूनिस्ट पार्टी द्वारा दिवंगत कामरेड सीताराम येचुरी जी के निधन पर शोक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम का आगाज सीटू के छ ग प्रदेश अध्यक्ष कामरेड सोमनाथ बनर्जी ने किया। मुख्य उपस्थिति में राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल ऋषिकर भारती एवं अध्यक्षता बालको कोरबा सीटू के अध्यक्ष कामरेड सुखेंदु घोष के साथ कामरेड महेंद्र तिवारी,कामरेड संजय मलांगे ,सतनामी समाज बालको के अध्यक्ष रमेश जटवार,मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक क्रांति कुमार साव ,सामाजिक कार्यकर्ता धनंजय चंद्रा और सकड़ों कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित थे।कामरेड सोमनाथ बनर्जी ने कामरेड सीताराम जी के जीवन संघर्ष पर संक्षिप्त में बताते हुए उनके बालको में निजीकरण के खिलाफ हुए विराट आंदोलन में उनके योगदान पर बताते हुए कहा की उनके कदम बालको में पड़े थे तथा उन्होंने 50000/ रु की राशि भी आंदोलन में दिया था।
उनका जीवन पूरी तरह मेहनत कश वर्गों की भलाई और भारत के संविधान के आदर्शों को स्थापित करने के लिए समर्पित था।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयुक्त मोर्चा भारत के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल भारती ने कहा कि भारत के संविधान के प्रियंबल में समाजवाद शब्द को स्थापित करने में काम्यूनिष्ट और समाजवादी आंदोलनकारियों का बड़ा योगदान है।इस एक शब्द और समानता को हटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी पूरे संविधान को टार्गेट बना रही है।भारत के साम्यवादी नेताओं को आत्मपरीक्षण करना ही होगा की इतने विशाल श्रमिक संघों और पार्टियों के होने के बावजूद वो देश की सरकार में प्रधान मंत्री बन सकने के करीब होते हुए ना बन पाए।
आज भी वक्त है कि यदि वो सही दिशा में अपने आंदोलन को सही साथियों के साथ मिलकर चलाने पर विचार करें।बालको का निजीकरण के खिलाफ चलाया गया आंदोलन एक गहरी साजिश के तहत जोगी सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार के समय खत्म किया गया था।यह बात हम सभी आंदोलनकारियों के लिए बेहद शर्म की बात है।आज हम कामरेड सीताराम येचुरी जी के इस श्रद्धांजलि सभा में संकल्प लें कि सारे संगठन और सर्वहारा वर्ग मिलकर पुनः वेदांता के शेयर जप्त करवाकर बालको का पुनः राष्ट्रीयकरण करने हमारे राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत के साथ मिलकर एकजुट हों।कार्यक्रम में अनेको वक्ताओं ने कामरेड सीताराम जी के जीवन संघर्ष पर अपने विचार रखे ,उनके छाया चित्र पर पुष्पांजलि एवं केंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित किए।



