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बालोदछत्तीसगढ़

सरकारी पैसे का लाभ लेने नक्सली बनकर सरेंडर करने पहुंचे युवक, ऐसे खुली पोल…

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बालोद: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने बनाई गई सरकार की पुनर्वास योजना का फर्जी तरीके से लाभ पाने की कोशिश कुछ लोग कर रहे हैं. लेकिन पुलिस की सूझबूझ से नकली नक्सलियों का खुलासा हो गया. मामला बालोद जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है.

नक्सली बनकर सरेंडर करने पहुंचे दो युवक: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक जोशी ने बताया कि दो युवक बबलू उर्फ मधु मोडियाम बीजापुर जिले का रहने वाला है. बबलू अपने दोस्त सुदेश नेताम के साथ मिलकर बालोद थाने पहुंचा. दोनों मानपुर के रहने वाले अपने साथी के साथ पहुंचे थे. दोनों ने खुद को नक्सली बताया और कहा कि मानपुर मोहला कमेटी में रहे हैं.

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सरेंडर नक्सलियों को मिलने वाला लाभ पाने खुद को बताया नक्सली: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने जब दोनों युवकों से और उनके बारे में पूछताछ के साथ छानबीन की गई तो मामले का खुलासा हुआ. दोनों नक्सली नहीं थे. सरेंडर नक्सलियों को मिलने वाली शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए दोनों ने अपने आप को नक्सली बताया और आत्मसमर्पण करने पहुंचे.

नकली नक्सलियों पर कार्रवाई: कोतवाली पुलिस ने फर्जी नक्सलियों और उनके साथी के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. तीनों आरोपियों पर पुनर्वास योजना का लाभ पाने के लए झूठ बोलने पर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है.

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नक्सलमुक्त है बालोद: बालोद पहले से ही नक्सली मुक्त जिले में शामिल है. यहां के तटीय क्षेत्रों में कभी कभी नक्सल मूवमेंट की बात सामने आती है लेकिन बीते लगभग दो दशक से जिले में किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नक्सलियों की तरफ से नहीं की गई है.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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