Advertisment
जरूरत की खबर

कारों के केबिन की 99 प्रतिशत हवा में पाए गए कैंसर पैदा करने वाले रसायन, रिसर्च का चौंकाने वाला दावा

S-G-Travels
WhatsApp-Image-2026-06-17-at-4.28.41-PM-300x200
WhatsApp Image 2026-07-05 at 5.05.16 PM

विज्ञान की पत्रिका “एनवायरमेंट साइंस एंड टेक्नोलजी” में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, कारों के अंदर हवा की गुणवत्ता के बारे में चिंताजनक निष्कर्षों का खुलासा करता है. इस अध्ययन के मुताबिक, ड्राइवरों और यात्रियों को संभावित रूप से कैंसर पैदा करने वाले रसायनों के संपर्क में आने का जोखिम है. अमेरिका में 30 राज्यों में किए गए इस अध्ययन में 2015 से 2022 के मॉडल वर्षों तक की 101 इलेक्ट्रिक, गैस और हाइब्रिड वाहनों से केबिन हवा की जांच की गई.

US एजेंसी कर रही है अग्निशामक TCIPP की जांच
पर्यावरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी में पब्लिश हुई स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने 2015 से 2022 के बीच 101 इलेक्ट्रिक, गैस और हाइब्रिड कारों के केबिन एयर क्वालिटी का एनालिसिस किया. इसमें उन्होंने पाया कि 99% कारों में TCIPP नामक एक अग्निशामक (Flame Retardants) होता है. यूएस नेशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम संभावित कैंसरजन के रूप में इसकी जांच कर रहा है. ज्यादातर कारों में दो और अग्निशामक TDCIPP और TCEP भी होते हैं, जिन्हें कैंसर के लिए जिम्मेदार माना जाता है. साइंटिस्ट की मानें तो ये अग्निशामक (Flame Retardants) न्यूरोलॉजिकल और प्रजनन क्षमता पर भी असर डालते हैं.

इसे भी पढ़ें:  SECR में 3937 असिस्टेंट लोको पायलट की भर्ती होगी:पहले चरण में 1192 पदों पर रिक्रूटमेंट; ITI डिप्लोमा कंपलसरी

जरूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा
ड्यूक यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता और टॉक्सिकोलॉजी साइंस के वैज्ञानिक रेबेका होहेन ने कहा, कि यह ध्यान में रखते हुए कि औसत चालक हर दिन कार में लगभग एक घंटा बिताता है, यह एक जरूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है. उन्होंने कहा कि यह खासकर ड्राइवरों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी चिंताजनक है, जो वयस्कों की तुलना में ज्यादा हवा में सांस लेते हैं.

कैबिन की हवा में कैंसर पैदा करने वाले यौगिक
स्टडी में पाया गया कि गर्मियों में जहरीले फ्लेम रिटार्डेंट का लेवल सबसे ज्यादा था क्योंकि गर्मी से कार सामग्री से रसायनों का स्राव बढ़ जाता है. शोधकर्ताओं ने कहा कि केबिन की हवा में कैंसर पैदा करने वाले यौगिकों का स्रोत सीट फोम है. कार बनाने वाले सीट फोम और दूसरी चीजों में पुराने ज्वलनशीलता मानक को पूरा करने के लिए केमिकल्स को जोड़ा जाता हैं, जिसमें कोई आ की सुरक्षा पाने का फायदा नहीं होता है.

इसे भी पढ़ें:  रात में इतने बजे के बाद TTE नहीं चेक कर सकता टिकट, जान लें अपने अधिकार

कैसे कम करें खतरा?
पार्किंग का ध्यान रखें: अपनी कार को सीधी धूप में खड़ी करने से बचें, खासकर गर्मियों में.
कार को हवादार रखें: गाड़ी चलाने से पहले और बाद में कुछ देर के लिए खिड़कियां खोलकर कार को हवादार कर दें.
एयर फिल्टर बदलते रहें: कार के एयर फिल्टर को नियमित रूप से बदलें ताकि वह हवा को साफ करने में प्रभावी रहे.
कम दूरी तय करें: जब संभव हो, कम दूरी के लिए कार चलाने से बचें और पैदल चलने या साइकिल चलाने का विकल्प चुनें.]

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles