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रिटायर्ड तहसीलदार सेक्सटॉर्शन का शिकार, वसूले 10 लाख:न्यूड VIDEO वायरल करने की धमकी

​​​​​​​जालसाजों को राजस्थान से पकड़ लाई बिलासपुर पुलिस

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बिलासपुर में रिटायर्ड तहसीलदार का न्यूड VIDEO वायरल करने की धमकी देकर ठगों ने 10 लाख रुपए वसूली कर ली, जिसके बाद सेक्सटॉर्शन के शिकार रिटायर्ड तहसीलदार ने पुलिस में केस दर्ज कराया। 2 माह बाद अब पुलिस ने इस केस में राजस्थान के 3 ठगों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के पास से पुलिस ने मोबाइल, बैंक पासबुक भी जब्त किया है। उनसे पूछताछ में इस तरह के और भी मामलों की जानकारी मिल सकती है। पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र का है।

अनजान नंबर से मोबाइल पर कॉल आया

SP रजनेश सिंह ने बताया कि कोनी निवासी रिटायर्ड तहसीलदार को जालसाजों ने शिकार बनाया। 8 मार्च 2024 की रात मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाली महिला ने हेलो कहने के बाद कॉल कट कर दिया।

इसके बाद देर रात उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। कॉल में किसी का चेहरा नहीं दिख रहा था। प्राइवेट पार्ट्स को दिखाते हुए कुछ देर बाद ही कॉल काट दिया गया।

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फिर ब्लैकमेल और धमकी देकर वसूले पैसे

इसके बाद दूसरे दिन सुबह उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से काल आया। फोन करने वाले ने खुद को साइबर क्राइम का DSP बताया और वेबसाइट पर न्यूड VIDEO अपलोड होने की जानकारी देकर धमकाने लगा। इस दौरान कथित DSP ने वीडियो को डिलीट कराने के लिए एक मोबाइल नंबर दिया।

इसके बाद उन्हें बदनामी का डर दिखाकर अवैध तरीके से पैसे की मांग की गई। इधर, डरे-सहमे रिटायर्ड अफसर ने जालसाजों को 10 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद भी ठग उनसे पैसों की डिमांड करते रहे। तब परेशान होकर उन्होंने रेंज साइबर थाने में शिकायत की।

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राजस्थान के 3 युवकों को पुलिस ने किया अरेस्ट

SP रजनेश सिंह ने बताया कि रिटायर्ड अफसर की शिकायत पर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर (ACCU) और रेंज साइबर पुलिस ने जांच शुरू की। इस दौरान टेक्निकल जांच कर ठग गिरोह का लोकेशन पता किया गया, तब पता चला कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के डीग जिले के हजारीबास और दोलाबास में हैं।

इसके बाद उनकी पुख्ता जानकारी जुटाकर उन्हें पकड़ने के लिए टीम भेजी गई। इस दौरान टीम ने दबिश देकर हजारीबास निवासी तारिफ मोहम्मद (25), मो. शमीम (21) और दोलाबास के अमजद खान (32) को पकड़ लिया।

प्रोफेशनल तरीके से ठगी, पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा

जिस अंदाज से ठगों ने रिटायर्ड अफसर को अपना शिकार बनाया था। इससे स्पष्ट है कि ये प्रोफेशनल ठग गिरोह के सदस्य हैं। इन्होंने और भी लोगों के साथ इसी तरीके से ठगी की होगी। गिरोह में तीन युवक के साथ और भी सदस्य होने की आशंका है।

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यही नहीं पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने मोबाइल और पासबुक के अलावा कुछ बरामद भी नहीं किया है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद आरोपियों के बैंक अकाउंट को होल्ड कराया जाएगा। गिरोह के अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।

ठगी करने वाले अपना रहे नए-नए तरीके, केवल सावधानी है बचने का तरीका

एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपना कर लोगों के मेहनत की कमाई लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अनजान नंबर से काल कर खुद को पुलिस का अधिकारी, CBI और ED अधिकारी बताकर रुपए मांगे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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