
मंत्री केदार कश्यप बोले- पाकिस्तान की भाषा बोल रहे कांग्रेसी
जगदलपुर में कहा- मारने-काटने की बात करते हैं; इनके विचार खालिस्तानी-आतंकवादी के जैसे
छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने गुरुवार को जगदलपुर में कहा कि कांग्रेस नेता पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। इनके नेताओं के विचार आतंकवादी, नक्सली, खालिस्तानी और ISIS संगठन से मेल खा रहे हैं। हमेशा मारने काटने की बात करते हैं।
केदार ने कहा कि, लोकसभा प्रत्याशी और MLA कवासी लखमा ने भी अपने भाषण में नरेंद्र मोदी को मारने की बात कही थी। इनके बयान से यह साफ जाहिर हो रहा है कि इनकी मंशा क्या है? राज्यसभा सांसद नक्सलियों को भाई कहती हैं। हम नक्सलियों को हथियार छोड़कर मुख्य धारा में आने के लिए कहते हैं।
पाकिस्तान की भाषा बोलने लगे हैं
लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को है। इससे पहले बस्तर में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। केदार कश्यप ने जगदलपुर के भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता ली। केदार ने कहा कि, कांग्रेस जिस तरह से प्रधानमंत्री को लेकर टिप्पणी कर रही है, उन्हें मारने की बात कह रही है इससे ये साबित होता है कि इनके नेता आतंकवादियों के साथ खड़े हैं।
ये अब पाकिस्तान की भाषा बोलने लगे हैं। भाजपा का कार्यकर्ता शांत नहीं है। प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई जाएगी।
खालिस्तानी समर्थकों ने की थी घेरने की कोशिश
मंत्री केदार ने कहा कि कुछ समय पहले नरेंद्र मोदी पंजाब गए थे। उनकी सुरक्षा में चूक हुई थी। सरकार सुरक्षा देने में नाकाम रही। वहां खालिस्तानी समर्थकों ने उन्हें घेरने की कोशिश की थी। PM वहां से कैसे लौटे ये पूरा देश जानता है। कांग्रेस का काम सिर्फ साजिश रचना है।
राज्यसभा सांसद कहती हैं ‘नक्सली हमारे भाई’- केदार
केदार का आरोप है कि कांग्रेस के नेता नक्सलियों के साथ खड़े हैं। इनकी राज्यसभा सांसद ने खुले मंच से कहा था कि नक्सली हमारे भाई हैं। MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने अपील की थी कि नक्सली उनका समर्थन दें। ये देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
ऐसे बहुत से उदाहरण हैं जिसमें आतंकवादियों के साथ, नक्सलियों के साथ इनके संबंध दिखाई देते हैं। देश इनके वास्तविक फेस को पहचानने लगा है। लेकिन, हमारे डिप्टी CM विजय शर्मा लगातार कह रहे हैं कि नक्सली हथियार छोड़ो। मुख्य धारा में लौट आओ।

कश्मीर मांगे आजादी के लगाते हैं नारे
केदार ने कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी चीन जाते हैं। समर्थन मांगते हैं। देश में इनके लोग कश्मीर मांगे आजादी जैसे नारे लगाते है। झीरम के नाम पर वे जगह-जगह जाकर रोते हैं कि उनके नेता शहीद हो गए हैं। PCC चीफ दीपक बैज ने तो कहा था कि, झीरम का साक्ष्य उनके जेब में है। हमें बताएं कि किस जेब में रखे हैं।
अगर है तो अपनी सरकार के समय निकाला क्यों नहीं? इनकी मानसिकता नक्सलियों के साथ मिलकर रहने की है। उनके खिलाफ लड़ाई लड़ने की नहीं। इस मामले को लेकर हमने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज का पक्ष जानने उन्हें फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।



