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चैत्र नवरात्रिछत्तीसगढ़राजनांदगांव

छत्तीसगढ़ में 22 साल के युवक ने ली समाधि

3 दिन से 7 फीट गहरे गड्ढे में, 17 अप्रैल तक रहेगा; बोला-मनोकामना पूरी हुई

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राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव में 22 साल के एक युवक ने चैत्र नवरात्रि के पहले दिन समाधि ले ली है। इसके लिए घर के आंगन में ही 7 फीट का गड्ढा बनाया गया है। युवक का सिर्फ सिर और हाथ बाहर है। ऐसे ही वह 9 दिनों तक भक्ति में लीन रहेगा।

मारगांव निवासी हरीश चंद बंजारे भिलाई की लोहा फैक्ट्री में काम करता है। उसने 9 अप्रैल को उपवास रखकर समाधि ली है, जो 17 अप्रैल तक रहेगी। इसकी जानकारी लगने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी है।

मेडिकल और प्रशासन की टीम भी पहुंची

सूचना मिलने पर जिला प्रशासन के अफसर और मेडिकल की टीम भी युवक के घर पहुंची। उसे बाहर निकालने के लिए काफी मनाया गया, लेकिन वह नहीं माना। इस पर डॉक्टरों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। युवक की स्थिति सामान्य बताई गई है।

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मनोकामना पूरी होने पर ली समाधि

हरीश चंद बंजारे ने बताया कि वह बचपन से ही माता काली और मां दुर्गा की भक्ति करता आ रहा है। उसकी मनोकामना पूरी हुई है, इसलिए सिद्धि के लिए 9 दिनों तक समाधि लेने का प्रण लिया। जमीन में समाधि लेकर सिद्धि हासिल करना चाहता है, ताकि दीन-दुखियों की सेवा कर सके। माता की भक्ति में उसे सुकून मिलता है।

समाधि स्थल पर दूर-दराज से पहुंच रहे लोग।
समाधि स्थल पर दूर-दराज से पहुंच रहे लोग।

खुद ली जिम्मेदारी, समाधि स्थल पर ही सो रहा

अभी तीन दिनों से शरीर में किसी तरह की कमजोरी या परेशानी नहीं आई है। उसने बताया कि, अधिकारियों और मेडिकल टीम के सामने खुद ही समाधि की जिम्मेदारी ली है। उनके लिखे लेटर पर हस्ताक्षर भी किया है। वह समाधि स्थल पर ही केवल रात में नींद ले रहा है।

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बेटा बचपन से ही भक्ति में था- पिता

उसके पिता घनश्याम बंजारे ने कहा कि, हरीश चंद बचपन से ही भक्ति भाव वाला है। उसने जब समाधि की इच्छा बताई तो पहले मैंने मना किया, लेकिन वह अंत तक अपनी जिद पर अड़ा रहा। जिसके बाद मैंने भी उससे कुछ नहीं कहा।

समाधि स्थल पर त्रिशूल के सामने लोग नारियल और पैसे भी चढ़ा रहे है।
समाधि स्थल पर त्रिशूल के सामने लोग नारियल और पैसे भी चढ़ा रहे है।

दूर-दराज से पहुंच रहे लोग, बता रहे देवी की असीम कृपा

समाधि लेने की सूचना के बाद मारगांव में युवक के घर दूर-दराज से लोग पहुंच रहे हैं। समाधि स्थल पर त्रिशूल के सामने लोग नारियल और पैसा भी चढ़ा रहे हैं। लोगों का मानना है कि हर कोई इतना बड़ा त्याग नहीं कर सकता। देवी की असीम कृपा हरीश चंद पर है।

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भीड़ आने लगी तो गांव वाले सफाई में जुटे

अब गांव में रोजाना लोगों की भीड़ पहुंचने लगी है। गुरुवार को बारिश के बाद युवक के घर के बाहर काफी कीचड़ हो गया। जिसके बाद ग्रामीण साफ-सफाई में जुट गए। वहीं, समाधि स्थल के ऊपर और बाहर टेंट-कुर्सी भी लगाया जा रहा है।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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