
क्राउडस्ट्राइक के अपडेट से माइक्रोसॉफ्ट की सर्विस ठप:दुनियाभर में 1400 फ्लाइट कैंसिल; बैंक, स्टॉक मार्केट और टीवी चैनल पर भी असर
क्राउडस्ट्राइक सॉफ्टवेयर में अपडेट की वजह से शुक्रवार को माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में खराबी आ गई। इसकी वजह से दुनियाभर में तकनीकी सेवाएं ठप पड़ गई हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी समेत 25 से ज्यादा देशों में मेडिकल सर्विसेज और बैंक में काम नहीं हो पा रहा है। टीवी चैनल्स, रेडियो, ट्रेन स्टेशन्स पर भी कामकाज रुक गया है।
अमेरिका, ब्रिटेन और भारत जैसे कई देशों में 1 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं। वहीं 3 हजार विमानों ने देरी से उड़ान भरी। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में फिलहाल 6 एयरलाइंस तकनीकी दिक्कत का सामना कर रही हैं। इसके अलावा दिल्ली एयरपोर्ट पर कुछ सेवाएं रुक गई हैं।
सेवाएं ठप होने की वजह से आम लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। अमेरिका में लोग इमरजेंसी नंबर 911 को कॉन्टैक्ट नहीं कर पा रहे हैं। ब्रिटेन में लोग छोटे बच्चों के साथ 3 घंटों से एयरपोर्ट पर लाइन में लगे हुए हैं। पूरे ब्रिटेन में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिम्मेदार नेशनल हेल्थ सर्विस कंप्यूटर एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
वहीं ब्रिटेन में कई स्टोर्स पर कार्ड पेमेंट सिस्टम भी ठप पड़ गया है। पेमेंट न होने के वजह से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेरिस ओलंपिक कमेटी की तरफ से भी आईटी सिस्टम में दिक्कत की जानकारी दी गई है। वहीं न्यूजीलैंड की संसद में भी काम रुक गया है।
अमेरिकी एंटी-वायरस कंपनी के एक अपडेट का असर माइक्रोसॉफ्ट पर पड़ा। इससे शुक्रवार (19 जुलाई) को दुनियाभर की एयरलाइंस, टीवी टेलिकास्ट, बैंकिंग और कई कार्पोरेट कंपनियों का कामकाज प्रभावित हुआ। करीब 1400 फ्लाइट कैंसिल हुई हैं। फ्लाइट बोर्डिंग पास हाथ से लिखकर दिए गए।
आपने पहले कभी एंटी-वायरस फर्म क्राउडस्ट्राइक के बारे में नहीं सुना होगा, लेकिन कंपनी ने अपने वायरस स्कैनर फाल्कन के साथ जो कुछ किया, उसका माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम चलाने वाले लाखों कंप्यूटरों पर पड़ा। माइक्रोसॉफ्ट ने सुबह करीब 5 बजे इसकी जानकारी दी। हालांकि, एपल और लाइनक्स के यूजर्स प्रभावित नहीं हुए।
भारत में भी इसका सबसे ज्यादा असर एयरपोर्ट पर देखा गया। एयरलाइन्स की ऑनलाइन सर्विसेज इससे प्रभावित हुई। मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु समेत पूऱे देश के एयरपोर्ट पर भारी भीड़ देखी गई। जानकारी न मिलने से लोगों ने एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार किया। देश में इस आउटेज का किसी और सर्विस पर ज्यादा असर नहीं रहा।
दुनियाभर में कंप्यूटर ऑटोमेटिकली रिस्टार्ट होने लगे, स्क्रीन ब्लू हो गई

‘ब्लू स्क्रीन ऑफ़ डेथ’ की रिपोर्ट दुनिया भर में की गई। ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ (BSOD) एक क्रिटिकल एरर स्क्रीन है जो विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम पर दिखाई देती है। जब यह एरर आता है, तो कंप्यूटर ऑटोमेटिकली रिस्टार्ट हो जाता है। डेटा खोने की भी संभावना रहती है।
इस आउटेज के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने तुरंत कहा कि यह एक “थर्ड पार्टी इश्यू” है। दूसरे शब्दों में- ये उसकी गलती नहीं थी। इस पूरे घटनाक्रम से पता चलता है कि दुनिया इन बड़ी कंपनियों पर कितनी निर्भर है, और जब वे फेल हो जाती हैं तो यह हमें कितना पावरलेस बना देता है।
क्राउडस्ट्राइक के अपडेट के कारण माइक्रोसॉफ्ट की सर्विस ठप हुई
क्राउडस्ट्राइक के अपडेट के कारण ही माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड और माइक्रोसॉफ्ट 365 सर्विसेज में परेशानी आई है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, “हमें समस्या की जानकारी है और हमने कई टीमों को इसे सुलझाने में लगाया है। हमने इसके कारण का पता लगा लिया है।” इससे वहीं यूजर प्रभावित हुए हैं जो माइक्रोसॉफ्ट एज्योर का इस्तेमाल करते हैं।
क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है माइक्रोसॉफ्ट ऐज्योर
माइक्रोसॉफ्ट ऐज्योर क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है। ये एप्लिकेशन और सर्विसेज को बनाने, डिप्लॉय और मैनेज करने का काम करता है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट 365 प्रोडक्टिविटी सॉफ्टवेयर है, जिसमें वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट, आउटलुक और वन नोट जैसे लोकप्रिय एप्लिकेशन शामिल हैं।



