
संभल में होगा कल्कि अवतार.. जय श्रीराम सांप्रदायिक कैसे? मंदिर मिलते ही गरजे सीएम योगी
लखनऊ : सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संभल मुद्दे को लेकर सुबह से मच रहे बवाल पर अपना पक्ष सदन में रखा. सीएम योगी ने यहां विपक्ष को खूब लताड़ लगाई. उन्होंने संभल में हुई हिंसा को लेकर साफ तौर पर कहा कि जिसने भी वहां माहौल खराब किया, वो बचेगा नहीं. पत्थरबाजी करने वाला नहीं बचेगा. उन्होंने कहा कि बाबरनामा भी कहता है कि हरिहर मंदिर को तोड़कर वहां ढांचा खड़ा किया गया. हमारे पुराण भी कहते हैं कि भगवान विष्णु का दसवां अवतार संभल में ही होगा, इसी संभल में होगा.
सीएम योगी ने कहा कि ‘यह तो केवल सर्वे की बात थी. कोर्ट के आदेश पर जिले के डीएम, एसएसपी ने वहां सर्वे के काम को पूरा करवाया. पहले के सर्वे में हिंसा नहीं हुई, लेकिन हिंसा वाले दिन जुमे की नमाज के पहले और उस दौरान जिस तरह की तकरीरें दी गईं, उससे हालात बिगड़े. संभल हिंसा की जांच चल रही है. दूध का दूध पानी का पानी सबके सामने आएगा. संभल में दंगों का 1947 से इतिहास शुरु हुआ. 1948 में 6 लोग मारे जाते हैं. 1958-1962 में भी दंगा होता है. 1976 मे पांच लोगों की मौत वहां हुई और 1978 में 184 हिंदुओं को वहां सामूहिक रूप से जला दिया जाता है.’
उन्होंने कहा कि ‘एनसीआरबी के अनुसार 2017 से अब तक प्रदेश में सांप्रदायिक दंगे 99 फीसदी तक कम हुए हैं… और जिनको असल में आप दंगे कहते हैं वो 2017 से अब तक नहीं हुए. 2012 से 2017 के बीच में प्रदेश में 815 दंगे हुए और 192 लोगों की मौत हुई.’
वह आगे कहते हैं कि ‘पश्चिम उत्तर प्रदेश में आपके पूर्वज और सभी लोग सामान्य संबोधन में राम राम ही कहते हैं तो जय श्रीराम कहां से सांप्रदायिक संबोधन हुआ? राम के बगैर तो हमारा कोई काम ही नहीं है.’
सीएम योगी आगे कहते हैं कि ‘संभल में ये देशी और विदेशी मुसलमान की भिडंत है, जो वहां बरसों से चल रही है. सत्य जरूर सामने आएगा. हमारी सरकार ने पहले ही कहा कि हम न्यायिक आयोग बनाएंगे. सदन में उसकी रिपोर्ट भी सामने आएगी. मैं संभल में दंगों के इतिहास को लेकर कह रहा हूं तो आप उसे स्वीकार नहीं करेंगे. 209 हिंदुओं की संभल के अंदर निर्मम हत्या हुई है और एक भी बार किसी ने उन निर्दोष हिंदुओं के लिए संवेदना के एक शब्द नहीं कहे.’
सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘जो मंदिर आज वहां मिला है, 1978 से उसे इन्होंने वहां खोलने नहीं दिया गया. वहां 22 कुएं किसने बंद किए थे. जिसने भी वहां पत्थरबाजी की, माहौल खराब किया, एक भी वहां नहीं बचेगा. ये लोग संविधान की बात करते हैं.. मूल संविधान की प्रस्तावना को पढ़िए. आपको उसमें राम, कृष्ण, हनुमान, बुद्ध भी नजर आएंगे, लेकिन उस मूल संविधान में कहीं भी धर्म, पंथ निरपेक्ष या समाजवादी शब्द नहीं है. ये आप सबकी आंखों को खोलने वाला होना चाहिए. जिन्होंने संविधान का गला घोंटा, आप उनके पिछल्ग्गू बनकर सत्ता हथियाना चाहते हैं.’
प्रदेश के मुखिया ने कहा कि ‘संभल की घटना या कुंदरकी की जीत.. जैसे ही आपके खटाखट की असलियत सबके सामने आई, जनता ने कहा सफाचट. याद कीजिए 2022 में सपा करहल में 67000 से जीती थी, इस बार वह केवल 13 से 14 हजार तक सिमट गई है. सीसामऊ में भी आप बाल बाल बच गए. उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा, आप लोग एक बार बाबरनामा को जरूर पढ़ें.’
उन्होंने कहा कि हमारा कोई पर्व या त्योहार है या किसी का भी है, मोहर्रम का कोई जुलूस हो या मुस्लिम समाज का कोई भी पर्व या जुलूस.. वो हिंदू मोहल्ले के सामने से सुरक्षित निकल जाता है. लेकिन ये समस्या वहीं पर क्यों खड़ी होती है जब कोई हिंदू शोभा यात्रा किसी मस्जिद के सामने या मुस्लिम बहुल इलाके से निकलती है? तब क्यों तनाव पैदा हो जाता है? झंडा लगाने में क्या समस्या आ रही है. क्या भारत की धरती पर केसरिया झंडा नहीं लग सकता? आप चाहते हैं कि आपके त्योहार शांति से मनाए जाएं. लखनऊ का शिया सुन्नी विवाद भाजपा सरकार रहते ही खत्म हुआ है. इसलिए ही हमने कहा है कि हम ना बंटेंगे और ना कटेंगे.’



