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महाकुंभ 2025

महाकुंभ भगदड़ में 35 से 40 मौतें:करीब 20 शव परिजनों को सौंपे गए; प्रयागराज के सभी एंट्री पॉइंट बंद, मेला क्षेत्र नो-व्हीकल जोन घोषित

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प्रयागराज महाकुंभ में संगम तट पर भगदड़ में मरने वालों की संख्या अब तक 35 से 40 हो चुकी है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

हादसा मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे हुआ। भगदड़ उस वक्त मची जब लोग संगम तट पर मौनी अमावस्या के स्नान लिए इंतजार कर रहे थे। यह हादसा क्यों हुआ, इसकी वजह सामने नहीं आई है। राज्य सरकार ने भी इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

भास्कर रिपोर्टर सृष्टि मेडिकल कॉलेज पहुंचीं, जहां हादसे में मारे गए लोगों के शव रखे गए थे। मेडिकल कॉलेज में रिपोर्टर्स ने 20 शव गिने। यहां आखिरी डेडबॉडी पर 40 नंबर लिखा हुआ था। इससे पहले मेडिकल कॉलेज में 14 शव पोस्टमॉर्टम के लिए लाए गए थे। फिर मेले से 8-10 एंबुलेंस से कुछ और शवों को लाया गया। इन्हें मिलाकर करीब 20 शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। वे उन्हें लेकर चले भी गए हैं।

  • भारी भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में एंट्री करने वाले 8 पॉइंट-भदोही, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, मिजापुर बॉर्डर को बंद कर दिया गया है।
  • पूरे मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया है। सभी व्हीकल पास रद्द कर दिए गए हैं। यानी मेले में एक भी गाड़ी नहीं चलेगी।
  • रास्ते को वन-वे कर दिया गया है। एक रास्ते से आए श्रद्धालुओं को स्नान के बाद दूसरे रास्ते से भेजा जा रहा है।
  • शहर में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। मेला क्षेत्र में यह व्यवस्था 4 फरवरी तक लागू रहेगी।
  • यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा, ‘श्रद्धालु जहां जगह हो वहीं स्नान करें। जहां इतनी बड़ी भीड़ होती है, इतना बड़ा प्रबंधन होता है, ऐसी छोटी-मोटी घटना हो जाती है।
  • प्रशासन के मुताबिक, संगम समेत 44 घाटों पर बुधवार देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान है। पूरे शहर में सुरक्षा के लिए 60 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं।
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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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