
बिलासपुर। अपने जरूरतमंद दोस्त की आर्थिक सहायता करने कतियापारा निवासी दीनू ने घर में रखा सोना गिरवी रख कर लोन लिया। इधर उसका दोस्त पैसे लेकर फरार हो गया। ब्याज के बोझ तले वह इतना डिप्रेशन में आ गया कि फांसी लगा कर मौत को गले लगा लिया। उसकी 18 फरवरी को शादी होने वाली थी। परिजनों में वैवाहिक खुशियां मातम में बदल गईं। मर्ग कायम कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मिली जानकारी के अनुसार कतियापारा निवासी 29 वर्षीय विजय कश्यप उर्फ दीनू अपने चार भाइयों के साथ रहता था।
वह भाइयों में सबसे छोटा था। उसका फूलों का छोटा बिजनेस था। देवांगन हॉस्टल का संचालक पुष्पेंद्र देवांगन दीनू का दोस्त था। पुष्पेंद्र को पैसों की जरूरत थी। लिहाजा उसने दीनू से इसे लेकर चर्चा की। इस पर दीनू ने पुष्पेंद्र की मदद के लिए एक ऐप के माध्यम से सोना गिरवी कर लोन लिया। लोन कंपनी से करार के मुताबिक दीनू को हर दिन 1100 रुपए ईएमआई चुकानी थी। इसी बीच पुष्पेंद्र बिना बताए कहीं चला गया। उसका दो महीने से कोई अतापता नहीं चला। इस पर पूरी ईएमआई का बोझ दीनू पर आ गया। इससे उसकी चिंता बढ़ती चली गई।
लिव-इन में रह रही युवती से होने वाली थी शादी
पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने घटना की उक्त वजह बताते हुए यह भी बताया कि दीनू की जिस लड़की से शादी होने वाली थी, उसका उससे पहले से अफेयर चल रहा था और वो लिव-इन में रहती थी। उसकी इसी लड़की से 18 फरवरी को शादी होने वाली थी।



