
रूस में भयावह भूकंप मतलब महाप्रलय, बाबा वेंगा की भविष्यवाणी सच! क्या भारत पर भी ‘त्रिदेवों’ के तांडव का असर?
नई दिल्ली: रूस में भीषण भूकंप आया है। यह सबसे खतरनाक है, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.7-8.8 तक बताई जा रही है। रूस के कमचटका प्रायद्वीप में आए इस भूकंप से अमेरिका से लेकर जापान तक सुनामी आने की चेतावनी जारी की गई है। अलास्का और कमचटका प्रायद्वीप में अमेरिका-रूस के परमाणु ठिकाने भी हैं। वहीं जापान में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को खाली करा लिया गया है। अगर जापान में सुनामी आती है तो जाहिर है उसका असर भारत के भी अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक भी पड़ना स्वाभाविक है। एक दिन पहले ही इस क्षेत्र में भूकंप भी आया था। इस भूकंप से बुल्गारिया की भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की वो खौफनाक भविष्यवाणी याद आ रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 2025-2026 के बीच धरती हिलेगी और लोगों को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ेगा और भीषण भूकंप से विनाश यानी महाप्रलय की शुरुआत हो सकती है। बाबा वेंगा ने भयानक भूकंप और यूरोप में एक बड़े सैन्य संघर्ष की भविष्यवाणी भी की थी। जानते हैं भीषण भूकंप के पीछे त्रिदेवों का खेल समझते हैं।
दुनिया में पहला सबसे भीषण भूकंप 1952 में आया था
USGS के अनुसार, भूकंप एक बहुत ही खतरनाक प्राकृतिक आपदा है। इसने दुनिया भर में बहुत नुकसान पहुंचाया है। 1960 में बायोबियो, चिली में 9.5 तीव्रता का भूकंप आया था। इसे वाल्डिविया भूकंप या ग्रेट चिली भूकंप भी कहा जाता है। यह अब तक का सबसे बड़ा भूकंप था। इसमें 1,655 लोग मारे गए और 20 लाख लोग बेघर हो गए। वहीं, 1952 में कामचटका क्राई, रूस में दुनिया का पहला रिकॉर्डेड 9 की तीव्रता का भूकंप आया था। इससे एक बड़ी सुनामी आई, जिसने हवाई द्वीप में 10 लाख डॉलर से ज्यादा का नुकसान किया। 2011 में तोहोकू, जापान में 9.1 की तीव्रता का ग्रेट तोहोकू भूकंप आया था। इस भूकंप और सुनामी से 15,000 से ज्यादा लोग मारे गए और 130,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए।
भारत में अब तक का सबसे भीषण भूकंप यहां आया
भारत में अब तक का सबसे भीषण भूकंप अरुणाचल प्रदेश में आ चुका है। 1950 में रिक्टर स्केल पर 8.6 की तीव्रता के आए इस भूकंप को असम-तिब्बत भूकंप भी कहा जाता है। इस भूकंप से जोरदार कंपन हुई। जमीन में दरारें तक पड़ गईं और कई जगह भूस्खलन हुआ। इस भूकंप में 780 लोगों की जान चली गई।



