Advertisment
अन्य खबरेंछत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

जांजगीर-चांपा में मिला हिरण प्रजाति का साम्भर

लोगों की भीड़ देख खेत में भागने लगा साम्भर​​​​​​​, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू

contact for Ad1
S G Travels
Screenshot 2026-01-25 175805
Screenshot 2026-01-25 175719
Screenshot 2026-01-25 175938
Screenshot 2026-01-25 180111
Screenshot 2026-01-25 180040
Screenshot 2026-01-25 180006
Screenshot 2026-01-25 175908
Screenshot 2026-01-25 175838

जांजगीर-चाम्पा जिला के धुरकोट गांव में साम्भर देखा गया। वन विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत से साम्भर को पकड़ा। सांभर को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। मेडिकल जांच के बाद साम्भर को वन विभाग को सुपुर्द कर दिया गया है। साम्भर को बिलासपुर कानन पेंडारी में ले जाया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, नवागढ़ ब्लॉक के धुरकोट गांव के गौठान में मंगलवार सुबह एक जानवर को उछल-कूद करते देख ग्रामीण आश्चर्य मे पड़ गए और वन विभाग को इसकी सूचना दी। ग्रामीणों की सूचना पर डीएफओ और वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। विभाग ने जानवर की पहचान हिरण प्रजाति के साम्भर के रूप में की।

इसे भी पढ़ें:  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान यात्रा से लौटे, रायपुर एयरपोर्ट में भाजपा ने किया भव्य स्वागत

लोगों की भीड़ देख खेत में भागने लगा साम्भर

वहीं जानवर को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगा गई और भीड़ को देखकर साम्भर​​​​​​​ गौठान से बाहर निकल कर धान के फसल से लगे खेत के अंदर भागने लगा। साम्भर को सुरक्षित स्थान में पहुंचाने के लिए वन विभाग के अधिकारी घंटो प्रयास करते रहे लेकिन साम्भर की गति के सामने प्रयास असफल रहा।

वन विभाग की टीम ने साम्भर का रेस्क्यू किया

इसके बाद विभाग के अधिकारी ने ग्रामीणों की भीड़ को खाली करने के निर्देश दिया। भारी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने साम्भर ​​​​​​​को जाल में पकड़ा। कानन पेंडारी के चिकित्सक को बुला साम्भर का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके बाद वन विभाग को फिर से सुपुर्द कर दिया है।

सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा

इसे भी पढ़ें:  15 अप्रैल को जांजगीर में छत्तीसगढ़ गौरव रत्न सम्मान समारोह, शाहनाज अख्तर बिखेरेंगी सुरों का जादू

वन विभाग के डीएफओ प्रियंका पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों के सूचना के बाद विभाग के कर्मचारियों को साम्भर ​​​​​​​की निगरानी में लगाया गया है। किसी तरह उसे सुरक्षित जंगल मे भेजने का प्रयास किया जा रहा है। डीएफओ ने साम्भर के मैदानी क्षेत्र में आने के पीछे खेतों मे लगे धान के फसल को होने और रात के समय भटकते हुए मैदानी क्षेत्र में पहुंचने की संभावना जताई है।

mediahousempcg

RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

Related Articles