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नया कानून…कवर्धा में दर्ज हुई छत्तीसगढ़ की पहली FIR

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शभर में आज (1 जुलाई) से नया कानून लागू हो गया है। अब IPC (इंडियन पीनल कोड) का नाम बदल कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) कर दिया गया है। इसके तहत जहां कई अपराध के लिए नई धाराएं हो गई हैं। वहीं कुछ धाराओं के नियम भी बदल गए हैं। जैसे फोन या ई-मेल के जरिए थाने में केस दर्ज कराए जा सकेंगे।

नए नियमों को लेकर बिलासपुर, रायपुर सहित प्रदेश के सभी थानों में उत्सव मनाया जा रहा है। दूसरी ओर कवर्धा के नक्सल प्रभावित क्षेत्र रेंगाखार थाने में नए कानून के तहत छत्तीसगढ़ की पहली FIR दर्ज हुई है। SP डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि रात करीब 12.30 बजे मामला दर्ज हुआ है।

वहीं रायपुर में भी नए कानून के तहत पहला मामला दर्ज किया गया है। मंदिर हसौद थाने जान से मारने की धमकी और अभनपुर में अकाल मृत्यु की FIR दर्ज की गई है।

छत्तीसगढ़ में कबीरधाम जिले के रेंगाखार थाने में नए कानून के तहत देश की पहली FIR दर्ज की गई।
छत्तीसगढ़ में कबीरधाम जिले के रेंगाखार थाने में नए कानून के तहत देश की पहली FIR दर्ज की गई।

 

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जानिए नए कानून में क्या बदलाव…

नए कानून यानी BNS में 511 की जगह अब 358 धाराएं रह गई हैं। इसी तरह CRPC (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर) का नाम बदलकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता कर दिया गया है। CRPC में 484 धाराएं थीं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धारा की गई हैं। भारतीय साक्ष्य अधिनियम में अधिक बदलाव नहीं हुआ है, इसमें 170 सेक्शन हैं। बदलाव का उद्देश्य दंड की जगह न्याय दिलाना है।

कई धाराओं के क्रम को परिवर्तित किया गया है जबकि कुछ धाराओं के नियमों में बदलाव हुआ है। तीनों कानून में बदलाव के बीच महिला संबंधी अपराधों को ऊपर कर दिया गया है। नए कानून की जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए पुलिस अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण हो चुका है जिसमें सभी नियम बताए गए हैं।

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) में 20 नए अपराध जोड़े गए हैं।
  • ऑर्गेनाइज्ड क्राइम, हिट एंड रन, मॉब लिंचिंग पर सजा का प्रावधान।
  • डॉक्यूमेंट में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड शामिल हैं।
  • IPC में मौजूद 19 प्रावधानों को हटा दिया गया है।
  • 33 अपराधों में कारावास की सजा बढ़ा दी गई है।
  • 83 अपराधों में जुर्माने की सजा बढ़ा दी गई है।
  • छह अपराधों में सामुदायिक सेवा की सजा का प्रावधान किया गया है।
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मोबाइल, ई-मेल से तत्काल एफआईआर का प्रावधान
नए कानून में आम लोगों की सहूलियत के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं। इसके अनुसार अब FIR दर्ज करने की प्रक्रिया में सरलीकरण किया गया है। नए प्रावधान के तहत कोई भी व्यक्ति फोन या ई-मेल से थाने में केस दर्ज करा सकेंगे और पुलिस को उसमें एफआईआर करनी होगी।

प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद संबंधित व्यक्ति या उसके प्रतिनिधि को तीन दिन के भीतर थाने पहुंच कर एफआईआर में हस्ताक्षर करना होगा। नए कानून के अनुसार अब ठगी, लूट और मारपीट जैसे केस में भी थाने के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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