
बांग्लादेश में हिंसा के बीच छत्तीसगढ़ के राकेश शर्मा (बदला हुआ नाम) समेत उनकी कंपनी के 600 लोग फंसे हुए हैं। सभी ढाका में निजी कंपनी में काम करते हैं। रविवार को कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी भी भारत आने के लिए एयरपोर्ट पहुंच गए थे, लेकिन फ्लाइट बंद होने के कारण वापस लौटना पड़ा। सभी भारत वापस आने के इंतजार में हैं।
बिलासपुर के राकेश बांग्लादेश के ढाका में परिवार सहित 4 साल से रह रहे हैं। बिलासपुर में उनकी मां और परिजन रहते हैं। बांग्लादेश में हिंसा भड़कने और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भागने के बाद हालात जानने के लिए राकेश से बातचीत की। हालांकि उन्होंने सुरक्षा कारणों से अपना नाम और पहचान बताने से मना किया है।

एयरपोर्ट पहुंचे तो फ्लाइट बंद होने पर फिर लौटना पड़ा
राकेश शर्मा ने बताया कि उनके साथ कंपनी के करीब 600 लोग यहां फंसे हुए हैं। सभी स्वदेश लौटना चाहते हैं। प्रदर्शन और हिंसा के बीच हिंदुओं को मारने की खबरें भी आ रही हैं, जिसके कारण वे लोग काफी दहशत में हैं। रविवार को भारत आने के लिए सभी लोग एयरपोर्ट पहुंच गए थे, लेकिन फ्लाइट बंद होने के कारण वापस लौटना पड़ा।
मार्केट और दुकानें बंद, ऐसा ही रहा तो राशन संकट आएगा
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारी सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं, जिसके चलते लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। मार्केट और दुकानें बंद हैं। घर में स्टोर किए हुए राशन से अभी काम चल रहा है। आगे भी ऐसा ही रहा तो आने वाले कुछ दिनों में उन्हें खाने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

10 हजार से ज्यादा लोग फंसे हैं, बॉर्डर से हो रही घुसपैठ
राकेश ने बताया कि बांग्लादेश में दस हजार से ज्यादा भारतीय फंसे हैं, जो अपने देश लौटना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि बॉर्डर से लोग भारत में घुसपैठ कर रहे हैं, जिसके कारण वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके बाद भी बॉर्डर से घुसपैठ की खबरें आ रही हैं।
दहशत में बीच गुजर रहे दिन
राकेश शर्मा बताते हैं कि हिंसा भड़कने के बाद उनके साथ काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी दहशत के माहौल में रहने के लिए मजबूर हैं। किसी तरह सभी सुरक्षित भारत लौटना चाह रहे हैं, लेकिन यहां माहौल काफी खराब है। घर से बाहर निकलना मुश्किल है। सभी एक-दूसरे से संपर्क में हैं।

भारतीय दूतावास से कर रहे संपर्क
राकेश ने बताया कि उनके दोस्त और बाकी लोग भारतीय दूतावास से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें वापस लाने के लिए दूतावास भी प्रयास में जुटा हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी लोगों की घर वापसी होगी। हालांकि, अभी तक दूतावास से कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई है।
दोस्त और परिजनों को भी सता रही चिंता
इधर, राकेश के घरवाले और उसके दोस्त भी उसकी सुरक्षित लौटने को लेकर चिंता में हैं। दोस्तों ने बताया कि राकेश की मां बिलासपुर में अकेली रहती हैं, जिसके कारण उन्हें घटना की पूरी जानकारी भी नहीं दे रहे हैं। वे लोग राकेश से लगातार संपर्क कर रहे हैं। लेकिन, सोमवार शाम से उनका भी संपर्क नहीं हो रहा।



