
यात्री बस से सागौन की तस्करी:फॉरेस्ट अफसरों ने दंतेवाड़ा में बरामद किया; ड्राइवर बोला-ये भैरमगढ़ SDOP का सामान
दंतेवाड़ा जिले में एक यात्री बस से वन विभाग की टीम ने बेशकीमती सागौन की लकड़ी जब्त की है। इसमें कुछ चिरान हैं तो कुछ दरवाजे, खिड़की समेत दूसरे फर्नीचर हैं। लकड़ी का यह सामान बीजापुर जिले के भैरमगढ़ से रात के समय चलने वाली मनीष ट्रेवल्स की यात्री बस में रखा गया था, जिसे धमतरी या रायपुर के किसी ठिकाने पर उतारने की तैयारी थी।
मुखबिर से मिली सूचना पर फॉरेस्ट टीम ने गीदम बस स्टैंड में सारा सामान जब्त कर लिया है। हालांकि, यात्रियों को परेशानी न हो, इसलिए रात में ही बस को जाने दिया गया। गीदम रेंजर दया दीन वर्मा और डिप्टी रेंजर के राजू ने बताया कि ड्राइवर से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि यह सामान भैरमगढ़ SDOP का है। थाने के स्टाफ ने ही बस में सामान लोड कराया था।
जर बोले- नहीं थे कोई वैध दस्तावेज
गीदम रेंजर दया दीन वर्मा ने कहा कि, हमें मुखबिर से जानकारी मिली थी। हमने कार्रवाई की। फिलहाल बस से जो लकड़ियां और फर्नीचर बरामद हुआ है, उसका कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला है। नियम है कि कोई लीगल सामान लेकर जाता है तो उसके साथ उसके वैध दस्तावेज होने चाहिए। यह तस्करी थी, जिस पर कार्रवाई की गई है।

तस्करी में पुलिस अफसर शामिल
फॉरेस्ट अफसरों के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि यह तस्करी कोई आम आदमी नहीं बल्कि पुलिस विभाग का ही एक अफसर कर रहा था। शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी।
जब हमारी टीम कवरेज कर रही थी तो भीड़से निकले एक शख्स ने नाम न बताने की शर्त पर कहा- उधर चर्चा चल रही है। ये लोग यानी हम पत्रकार बेवजह खबर बना रहे हैं। अभी मामला रफा-दफा होने दो, इन्हें हम बाद में बताएंगे।




