
अंबिकापुर से लगे बधियाचुआं में अतिक्रमणकारियों ने जंगल के करीब सौ एकड़ से अधिक भूमि पर कब्जा करने के लिए पेड़ों को काट दिया। वनविभाग के अधिकारियों व कलेक्टर से कई बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। बधियाचुओं के जनप्रतिनिधियों की सूचना पर टीएस सिंहदेव मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के लिए जरूरत पड़ी तो भूख हड़ताल पर भी बैठूंगा।
अंबिकापुर शहर से लगे ग्राम बंधियाचुआं में लगातार वनभूमि पर हो अतिक्रमण की शिकायत के बाद बुधवार को पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ अंदरुनी वन क्षेत्रों का दौरा किया, जहां सौ एकड़़ से अधिक भूमि पर मौजूद सैकडांे पेड़ों को काटकर अतिक्रमण किया जा रहा है। सिंहदेव करीब दो किलोमीटर पहाडी पगडंडियों को पार कर बधियाचुआं के बोदार क्षेत्र में पहुंचे।

दो दिनों पूर्व भी पहुंचे थे सिंहदेव
अतिक्रमण की शिकायत पर दो दिनों पूर्व भी बधियाचुआं पहुंचकर टीएस सिंहदेव ने अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणांे से चर्चा के बाद वनविभाग के अधिकारियों से बात की तो तत्काल जांच का आश्वासन मिला था। मंगलवार को सोशल मीडिया पर वन कमचारियों ने वीडियो वायरल किया कि कहीं कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है तो सिंहदेव आज मौके पर पहुंच गए।
वनविभाग नहीं कर रहा कार्रवाई
मामले में ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग को लगातार सूचना देने के बावजूद भी वन विभाग अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वन विभाग का एक बीट चौकीदार जो ग्रामीणों के साथ मिलकर अतिक्रमण को रोकने का प्रयास कर रहा था, उसे भी यहां से हटा दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि सत्ताधारी दल के कुछ ऐसे नेताओं का अपरोक्ष समर्थन अतिक्रमणकारियों को है जो महामाया पहाड़ के अतिक्रमण नाम पर बहुत मुखर हैं।
बोले-जरूरत पड़ेगी तो भूख हड़ताल भी करेंगे
सिंहदेव ने कहा कि बधियाचुआं के बोदार के अलावा आमापानी क्षेत्र में भी करीब 100 एकड़ जमीन पर वनों को काटकर कब्जा कर लिया गया है, जो कटनी-गुमला हाईवे के 500 मीटर पहले तक है। इस कब्जा क्षेत्र में मेढबंदी कर जमीन का बंटवारा भी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन एवं वनविभाग अतिक्रमण रोकने कार्रवाई करे, अन्यथा वे भूख हड़ताल के लिए भी तैयार हैं।
निरीक्षण के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, मो.इस्लाम, अनूप मेहता, बंधियाचुआं की सरपंच वैशाली कुजूर, उपसरपंच राजू चिर्रे, खैरबार का पूर्व सरपंच इंदर साय एवं खैरबार के पूर्व सरपंच इंदर साय व ग्रामीण शामिल थे।



