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बांग्लादेश में कत्लेआम से भारत में घुसने की कोशिश करे रहे 600 बांग्लादेशी को BSF ने रोका, बॉर्डर पर बढ़ा तनाव

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बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद पिछले तीन से हो रही हिंसा और कत्लेआम के बीच, जिसका भारत सरकार के साथ सभी को डर वो होना शुरू हो गया है। बांग्लादेशी अब भारत में घुसने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। कई लोग तो जंगलों-नदियों के माध्यम से भारत में घुस भी आए हैं। वहीं बुधवार को करीब 600 लोगों ने सीमा पार करके भारत में घुसने की कोशिश की। हालांकि BSF ने इन लोगों को रोक दिया। इससे बांग्लादेश-भारत सीमा पर तनाव बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री शेख हसीना का तख्ता पलट होने और सोमवार को देश छोड़कर भाग जाने के बाद से ही बीएसएफ हाई अलर्ट पर है। बांग्लादेश के इस समूह के कई लोगों ने बुधवार को भारत में घुसने की कोशिश की। उन्होंने बीएसएफ कर्मियों से भारत में घुसने की फरियाद लगाते हुए कहा कि नई सरकार से हमारी जान को खतरा है। हमें भारत में आने दे।

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न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक सैकड़ों की संख्या में लोग कंटीली तार के पार जमा हुए और अंदर जाने की अनुमति देने की गुहार लगा रहे थे। निवासी ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों ने कहा कि ‘हम असहाय हैं। उन्होंने अपने भयानक अनुभवों को याद किया।

वहीं बीएसएफ के अधिकारियों ने कहा कि बांग्लादेश के लोगों के समूहों ने पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के दक्षिण बेरुबारी गांव में सीमा पार करके भारत में घुसने की कोशिश की। एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने हमसे अपील की और देश में घुसने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि उन्हें हमला होने का डर है और साथ ही अपनी जान का भी डर हैय़ उन्हें समझाया गया कि उन्हें इस तरह से घुसने देना संभव नहीं है।

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डरे हुए हैं लोग

सीमा सुरक्षा बल के ‘नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर’ ने ‘‘अफवाहों’’ को शांत करने के लिए एक बयान जारी किया और स्पष्ट किया है कि ‘‘बांग्लादेश से अल्पसंख्यक आबादी की भारतीय सीमा की ओर व्यापक पैमाने पर कोई गतिविधि नहीं हुई है।’’ दार्जिलिंग के कदमतला स्थित फ्रंटियर मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘स्थानीय अशांति के भय से लोग एकत्रित हुए थे। इन लोगों को उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है और उन्हें अपने घर लौटने के लिए प्रोत्साहित किया है।’’ बयान में बताया गया कि बांग्लादेशी नागरिकों को दो सेक्टरों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एकत्र होते देखा गया। इसमें कहा गया है कि यह लोग बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों के हमलों के डर से एकत्र हुए थे।

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अतिरिक्त बलों की हुई है तैनाती

बयान के अनुसार, बीएसएफ कर्मियों ने ‘‘असाधारण सतर्कता’’ और सक्रियता का परिचय दिया, त्वरित प्रतिक्रिया दी जिससे सीमा की सुरक्षा और वहां एकत्रित बांग्लादेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। बयान में बताया गया है कि एक सेक्टर में बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के साथ-साथ स्थानीय प्राधिकारियों ने 35 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके घर वापस भेजा और ‘‘स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए बीएसएफ ने अतिरिक्त बल तैनात किए हैं।’

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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