
बिलासपुर। रेल इंजनों की गर्मी से त्रस्त लोको पायलट व सहायक पायलटों ने लोको शेड के सामने मुंडी गरम प्रदर्शन किया। इंजन की अव्यवस्था को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन से पहले बाइक रैली निकाली गई। रैली संयुक्त क्रू लाबी से शुरू हुई और डीआरएम व जीएम कार्यालय से होते हुए विद्युत लोके शेड के सामने पहुंचकर धरना में तब्दील हो गई।
आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आयोजित इस धरना-प्रदर्शन के दौरान पदाधिकारियों का कहना था कि भारतीय रेल के 15 हजार इंजन है। इनमें से कुछ नए इंजन को छोड़कर अधिकांश में आज भी एसी नहीं है। इंजन कैब का तापमान 55 से 55 डिग्री हो जाता है। यह लोको पायलट व संरक्षा के प्रति रेल प्रशासन की उपेक्षा को दर्शाता है।
अलग-अलग संरक्षा समिति व आरडीएसओ की अनुशंसाओं को भी लागू नहीं किया जा रहा है। परंपरागत इंजनों में लकड़ी के पटिया लगी सीटें हैं। उसमें बैठकर ट्रेन चलाने में असहज महसूस करते हैं। शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है, जबकि भारत सरकार खुले में शौच न करने की व्यापक मुहिम चला रही है। इंजन कैब की परिस्थितियां मिशन जीरो एसपीएडी (सिग्नल ओवरशूट) के लिए सबसे बड़ी बाधा है।
आज के इस राष्ट्रव्यापी मुंडी गरम प्रदर्शन में बिलासपुर मंडल की सभी शाखाओं के सैकड़ो लोको रनिंग स्टाफ ने भाग लिया और वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता लोको शेड को ज्ञापन सौंपा।
आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन की ये थीं मांगें
सभी लोको कैब वातानुकूलित हो, टूल्स बाक्स व जीपीएस आधारित आरटीआइएस के साथ एफएसडी लगाया जाए, आरामदायक सीटें लगाई जाए, इंजन में शौचालय की व्यवस्था 0 कैब में ही सिग्नल संकेत देखने की व्यवस्था की जाए, सभी सुरक्षा उपकरण एक समान निश्चित स्थान लगाए जाए ।



