
आर्टिकल-370 जम्मू-कश्मीर में फिर से होगा लागू! Article 370 की समीक्षा को लेकर Supreme Court ने सुनाया बड़ा फैसला
जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 फिर से लागू करने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 पर अपने फैसले की समीक्षा की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, बीआर गवई, सूर्यकांत और एएस बोपन्ना की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने समीक्षा याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि 11 दिसंबर, 2023 को दिए गए फैसले में कोई खामियां नहीं थी।
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के 2019 के फैसले की वैधता को बरकरार रखा था।
पांच जजों की पीठ ने 1 मई को पारित आदेश में कहा कि समीक्षा याचिकाओं पर गौर करने के बाद उनके आदेश में कोई त्रुटि दिखाई नहीं देती है। सुप्रीम कोर्ट नियम 2013 के आदेश XLVII नियम 1 के तहत समीक्षा के लिए कोई मामला नहीं है। लिहाजा समीक्षा याचिकाओं को खारिज किया जाता है।
सितंबर, 2024 तक का चुनाव कराने का दिया है समय
पीठ ने राष्ट्रपति के आदेश को बरकरार रखा. जिसके तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया गया। कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने के लिए 30 सितंबर, 2024 की समय सीमा तय की है। सरकार को किसी भी हाल में इस वर्ष सितंबर महीने तक चुनाव कराना ही होगा।
मोदी सरकार ने आर्टिकल 370 को किया था निरस्त
बता दें कि केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के आर्टिकल 370 को खत्म कर दिया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांट दिया था। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो नए केंद्र शासित प्रदेश बनें।



