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आदिवासी युवक से अभद्रता और कलेक्टर से बहस मामले में अजय सिंह बीजेपी से निष्कासित

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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में कांग्रेस से भाजपा में प्रवेश करने वाले अजय सिंह को युवक से अभद्रता के आरोप में बीजेपी ने उन्हें निष्काषित कर दिया है। उनके ऊपर भैरमगढ़ के आदिवासी युवक के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा है। जिसको लेकर तीन दिन पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। मंगलवार को बीजेपी के प्रदेश महामंत्री जगदीश रोहरा ने निष्कासन आदेश जारी कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बीजापुर विधायक विक्रम मांडवी से मतभेद के चलते विधानसभा चुनाव के कुछ दिन बाद ही उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। वे कांग्रेस में कई बड़े और महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके थे।

देखें पार्टी द्वारा जारी आदेश…

बीजापुर कलेक्टर के साथ भी की थी बहस 

बीजापुर जिले में बीते दिनों कलेक्‍टर अनुराग पांडेय और बीजेपी नेता अजय सिंह के बीच तीखी बहस हुई थी। लेकिन 4 दिन पहले सरकार ने ट्रांसफर कर दिया था। कलेक्‍टर पांडेय का ट्रांसफर आदेश जारी होने के कुछ दिन पहले ही उनका जिला के बीजेपी नेता अयज सिंह के साथ हॉट टाक वाला आडियो वायरल हुआ था। माना जाता है कि, कलेक्‍टर का ट्रांसफर इसी ऑडियो की वजह से हुआ है। लेकिन अब पुलिस ने अजय सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, अजय सिंह की गिरफ्तारी दूसरे केस में हुई है। अजय सिंह के खिलाफ धमकी देने सहित अन्‍य आरोप लगे थे। उनकी गिरफ्तारी को लेकर सर्व आदिवासी समाज की तरफ से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इस बीच कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने भी उन पर कई गंभीर आरोप लगा दिया था।

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अजय सिंह ने कांग्रेस छोड़ थामा था बीजेपी का दामन 

उल्लेखनीय है कि, अजय सिंह कांग्रेस सरकार के दौरान युवा आयोग के सदस्‍य थे। लेकिन स्‍थानीय विधायक मंडावी के साथ विवादों की वजह से उन्‍होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्‍वाइन कर लिया था। अजय सिंह को लेकर विधायक ने 3 अगस्‍त को बीजापुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरफ्तारी की मांग की थी। उन्‍होंने अजय सिंह हिस्ट्रीशीटर बताते हुए कहा था कि 16 जुलाई को भैरमगढ़ निवासी प्रकाश पाण्डे के साथ जातिगत गाली गलौच देते हुए धक्का मुक्की देते हुए जान से मारने की धमकी और 15 लाख रुपये की मांग की थी।

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शिकायत के बाद नहीं हुई कार्रवाई 

उन्होंने आगे कहा कि, इस घटना के बाद प्रकाश पाण्डे ने भैरमगढ़ थाने में 17 जुलाई को FIR करने के लिए आवेदन पत्र दिया था। लेकिन आज तक जातिगत गाली गलौच करते हुए धक्का मुक्की देने, जान से मारने की धमकी देने और 15 लाख रुपये की मांग करने वाले पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है। इसी तरह 16 जुलाई को अजय सिंह ने बीजापुर के ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के छोटे भाई दिनेश चंद्राकर को जातिगत गाली गलौच देते हुए जान से मारने की धमकी दिया और क्रेसर प्लांट में रखे मशीनों को जलाने की धमकी दिया। जिसकी भी शिकायत थाना भैरमगढ़ में 24 जुलाई को किया गया था

अजय सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग 

विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि, 16 जुलाई की घटना की शिकायत पर FIR नहीं होने से पीड़ितों ने ज़िले के पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से मिलकर घटना के संबंध में विस्तार पूर्वक बताकर हिस्ट्रीशीटर और भाजपा नेता अजय सिंह पर FIR करने की मांग की गई थी। लेकिन इसके बावजूद पुलिस अब तक हिस्ट्रीशीटर और भाजपा नेता अजय सिंह पर कार्यवाही नहीं कर रही है। पुलिस द्वारा हिस्ट्रीशीटर और भाजपा नेता अजय सिंह पर कार्यवाही नहीं होता देख पीड़ित युवक प्रकाश पाण्डे ने सर्व आदिवासी समाज एवं दिनेश चंद्राकर ने महार समाज को आवेदन देकर न्याय दिलाने की मांग की थी।

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गिरफ्तारी की उठी मांग 

पीड़ितों के समर्थन में सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले महार समाज एवं सर्व समाज ने ज़िला मुख्यालय बीजापुर में 1 अगस्त को अजय सिंह पर FIR दर्ज कर गिरफ़्तार करने की मांग करते हुए रैली निकाली और बीजापुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उसके बाद भी शासन प्रशासन के द्वारा समाज के लोगों के मांग पर कोई संतोषजनक जवाब शासन प्रशासन से नहीं मिला।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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