
सुकमा जिले में पूर्व विधायक के ठिकानों सहित आधा दर्जन स्थानों पर ACB-EOW का छापा, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से एक बड़ी खबर है. यहां पूर्व विधायक के ठिकानों सहित तेंदूपत्ता प्रबंधकों के घर पर छापेमार की कार्रवाई चल रही है. जिले के आधा दर्जन ठिकानों पर एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम ने दबिश दी है. इसके बाद जिले में हड़कंप मच गया है.
गुरुवार की सुबह से ही सुकमा जिले के अलग-अलग ठिकानों में एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम पहुंचकर कार्रवाई कर रही है. नक्सल प्रभावित जिले में पहली बार हो रही इतनी बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक ये दोनों टीमें आज सुबह पूर्व विधायक और सीपीआई नेता मनीष कुंजाम के ठिकानों पर पहुंची. इनके रिश्तेदार के घर भी टीम पहुंची. इनके ठिकानों पर टीमें जांच कर रही हैं.
इनके घर पर पड़ रहा छापा-
पूर्व विधायक सीपीआई नेता मनीष कुंजाम
कोंटा प्रबंधक – शरीफ़ खान
पालाचलमा प्रबंधक – वेंकट रवाना
फूलबगड़ी प्रबंधक- राजेशेखर पुराणिक
जगरगुंडा प्रबंधक- रवि गुप्ता,
मिशिगुडा प्रबंधक- राजेश आयतु,
एर्राबोर प्रबंधक – महेंद्र सिंह
जानकारी के मुताबिक इनके अलावा जिले के 5 अलग-अलग तेंदूपत्ता प्रबंधकों के ठिकानों पर भी ये कार्रवाई चल रही है. सुबह से चल रही इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है.
सुकमा जिले में तेंदूपत्ता बोनस राशि मामले घोटाले के आरोप लगे थे. ग्रामीण आदिवासी संग्राहकों को लगभग 6 करोड़ रुपए बांटने थे जिस राशि पर गबन के आरोप लगा था. तेंदूपत्ता बोनस मामले को लेकर मनीष कुंजाम ने शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद जांच में सुकमा डीएफओ अशोक पटेल पर कार्यवाही करते हुए निलंबित भी किया. 8 मार्च को डीएफओ के घर पर भी एसीबी और EOW की रेड पड़ी थी.
नेताओं ने लगाए ये आरोप
अब सुकमा जिले के कांग्रेस नेता और सीपीआई नेताओं ने आरोप लगाया कि ये भाजपा सरकार बदले भी कार्यवाही कर रही है. जिला पंचायत अध्यक्ष चुनवा में सीपीआई भाजपा का समर्थन नहीं करने के कारण उनके घर पर ये जांच टीम भेजी हैं और उनको बदनाम करने की तैयारी की हैं.



