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नई दिल्लीलोकसभा चुनाव 2024

मोदी 3.0 के शपथ ग्रहण की तैयारी शुरू, भूटान-श्रीलंका समेत इन देशों को भेजा गया न्योता

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एनडीए में शामिल दलों की बुधवार को  दिल्ली में हुई बैठक में यह तय हुआ कि 7 जून को एनडीए की अगली बैठक होगी और नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद वे राष्ट्रपति के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। उम्मीद है कि 8 जून को नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में अपनी तीसरी शपथ लेंगे। मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भूटान, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और मॉरिशस समेत कई पड़ोसी देशों को न्यौता भेजा है। इसके साथ ही भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखने वाले दूसरे देशों के नेताओं को भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता भेजा गया है।

इन विदेशी नेताओं को भेजा गया न्यौता
नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए भूटान के नरेश, श्रीलंका के राष्ट्रपति, नेपाल, बांग्लादेश और मॉरिशस के पीएम को न्योता भेजा है। लगातार तीसरा टर्म जीतने पर दुनिया भर के नेताओं ने नरेंद्र मोदी को बधाई दी है।अमेरिक के राष्ट्रपति जो बाइडेन, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी बधाई संदेश भेजे हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नरेंद्र मोदी को फोन करके चुनाव में जीत की बधाई दी। इसके बाद नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्योता दिया।

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गठबंधन सरकार का ऐतिहासिक जनादेश: मोदी
मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर तय करने वाले नरेंद्र मोदी पहली बार अब गठबंधन की सरकार चलाएंगे। बुधवार को एनडीए में शामिल सहयोगी दलों के नेताओं की बैठक दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग स्थिति पीएम आवास पर हुई। बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लगातार तीसरी बार का जनादेश है, जो भारत में 60 साल बाद मिला है। इस दौरान चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार ने भी सरकार गठन में तेजी लाने की बात कही। सहयोगी दलों के नेताओं ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।

एनडीए की बैठक में सर्वसम्मति से समर्थन
एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जे.पी. नड्डा, राजनाथ सिंह, अमित शाह, चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, एकनाथ शिंदे, एच.डी. कुमारस्वामी, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, पवन कल्याण, जयंत चौधरी समेत 10 से ज्यादा सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुनने का फैसला किया गया। इस बैठक में मौजूद सभी सहयोगी दलों ने अपना समर्थन पत्र भी सौंप दिया।

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राष्ट्रपति भवन में डिनर का हुआ आयोजन
बैठक के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने निवर्तमान कैबिनेट के लिए राष्ट्रपति भवन में डिनर का आयोजन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने निवर्तमान कैबिनेट के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचे। डिनर कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। डीनर कार्यक्रम में 17वीं लोकसभा कैबिनेट के ज्यादातर सदस्य मौजूद थे। बता दें कि 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को होने वाला है। इससे पहले नई सरकार का गठन कर लिया जाएगा।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति को सौंपा इस्तीफा
बुधवार को दिन में पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी से नई सरकार का गठन होने तक अपने पद पर बने रहने का अनुरोध किया है। राष्ट्रपति ने मौजूदा लोकसभा को भंग कर दिया। 17वीं लोकसभा का कार्यकाल 16 जून को समाप्त होना है और उससे पहले नई सरकार का गठन होना है।

सहयोगी दलों की होगी बहम भूमिका
543 सदस्यीय लोकसभा में एनडीए 272 के बहुमत के आंकड़े से काफी ऊपर है। हालांकि 240 सीटें जीतने वाली बीजेपी मैजिक फिगर से दूर रह गई है। ऐसा 2014 के बाद पहली बार हुआ है। इस बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनने के लिए एनडीए के सहयोगी दलों की जरूरत पड़ रही है। इसमें 16 सीटें जीतने वाले चंद्रबाबू नायडू और 12 सीटें जीतने वाले नीतीश कुमार की भूमिका अहम होने वाली है। इन दोनों नेताओं को राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा किंग मेकर बताया जा रहा है।

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सहयोगी दलों ने कैबिनेट में जगह देने की मांग रखी
एनडीए सहयोगी दलों ने कैबिनेट में जगह की मांग की है। टीडीपी ने लोकसभा स्पीकर और 6 मंत्रियों की मांग की है, जिसमें सड़क-परिवहन, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, आवास एवं शहरी विकास, जल शक्ति और वित्त (MoS) शामिल हैं। वहीं जेडीयू ने 3 कैबिनेट मंत्रियों की डिमांड रखी है। शिवसेना के एकनाथ शिंदे ने एक कैबिनेट और 2 MoS की देने की इच्छा जाहिर की है। चिराग पासवान ने मोदी मंत्रिमंडल में कम से कम दो मंत्री पद मिलने की उम्मीद जताई है। जीतन राम मांझी और जेडीएस के कुमार स्वामी भी मंत्रीमंडल में एक-एक सीट चाहते हैं।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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