
चिंतामणि के खिलाफ BJP का आरोप पत्र वायरल
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- लेटर फर्जी, थाने में शिकायत, सिंहदेव बोले- जारी किया है तो स्वीकार करें
सरगुजा लोकसभा से बीजेपी प्रत्याशी चिंतामणि महाराज के खिलाफ आरोप पत्र से राजनीति गरमा गई है। इसे कांग्रेस ने वायरल कर रही है। जिसे भाजपा की तरफ से ही जारी होना बताया है। बतौर सामरी विधायक चिंतामणि महाराज पर जमीन फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार का आरोप है। अब भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल ने बलरामपुर थाने में इसकी शिकायत की है।
दरअसल, चिंतामणि महाराज के नाम पर भाजपा जिलाध्यक्ष की तरफ से जारी कथित आरोप पत्र को वायरल कर कांग्रेस उन्हें घेरने की कोशिश कर रही है। जिसे विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर महीने में भाजपा की तरफ से करना बताया गया है। तब चिंतामणि महाराज सामरी विधानसभा सीट से कांगेस के विधायक थे।

आरोप पत्र में क्या है
भाजपा ने चिंतामणि महाराज के सामरी विधायक रहने के दौरान उन्हें घेरने के लिए कार्यक्रम भी किए थे। घोटालों की बारात भी निकाली थी। वायरल आरोप पत्र में चिंतामणि महाराज पर श्रीकोट आश्रम में आदिवासियों की 20 एकड़ जमीन और कंवर समाज के लोगों की जमीन छलपूर्वक दबाव बनाकर रजिस्ट्री कराने का आरोप है।
चिंतामणि महाराज पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने, कोयला और रेत घोटाले में लिप्त रहने, कमीशनखोरी, स्वच्छेनुदान मद, नलकूप खनन में घोटाला, बिना निर्माण कराए राशि के आहरण और धान खरीदी में गड़बड़ी करने के आरोप हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- आरोप पत्र फर्जी
बलरामपुर भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल ने इसे फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व ऐसा कोई आरोप पत्र जारी नहीं किया गया है। आरोप पत्र में मेरा हस्ताक्षर भी नहीं है। अपनी हार देखकर कांग्रेसी इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इस मामले में एफआईआर के लिए आवेदन बलरामपुर थाने में दिया गया है।
भाजपा के लोग स्वीकार करें- सिंहदेव
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि इसकी सत्यता का पता करना चाहिए। आरोप पत्र में सिग्नेचर नहीं है। उस समय जारी हुआ था, ऐसा लोगों की जानकारी में है। भाजपा की नैतिकता है कि कबूल करें कि हमने जारी किया था।
उस समय चर्चा थी ही कि चिंतामणि महाराज का विरोध इन्हीं मुद्दों पर करते थे। जो बातें उस समय होती थी, वहीं उसमें लिखी है। उस समय निकाला था तो कहना चाहिए की निकाला था।

भाजपा से कांग्रेस में, फिर भाजपा में गए चिंतामणि
चिंतामणि महाराज संत गहिरा गुरू के पुत्र हैं। वे वर्ष 2004 में राज्य संस्कृति बोर्ड के अध्यक्ष बनाए गए थे। टिकट नहीं मिलने पर वर्ष 2008 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। वर्ष 2012 में वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कांग्रेस ने उन्हें वर्ष 2013 में लुंड्रा से टिकट दी और वे पहली बार विधायक बने।
वर्ष 2018 में कांग्रेस ने उन्हें सामरी का प्रत्याशी बनाया। दूसरी बार वे विधायक और भूपेश सरकार में संसदीय सचिव रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में उनकी टिकट काट दी गई तो बगावत कर वे वापस भाजपा में चले गए। भाजपा ने उन्हें लोकसभा प्रत्याशी बनाया है।
आवेदन मिला है, जांच रही है- टीआई
बलरामपुर थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि भाजपा महामंत्री ने थाने में आवेदन दिया है। बीजेपी जिलाध्यक्ष के नाम जारी आरोप पत्र की शिकायत मिली है। भाजपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि ऐसा कोई आरोप पत्र जारी नहीं किया गया है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।



