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ज्ञान, संस्कार और भविष्य निर्माण का महापर्व: केराकछार में अभूतपूर्व उत्साह के साथ संपन्न हुआ शाला प्रवेश उत्सव, नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत से गूंज उठा पूरा विद्यालय परिसर

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केराकछार | 22 जून 2026

शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि सभ्यता, संस्कार, सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। इसी महान विचार को साकार रूप प्रदान करते हुए पूर्व माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक शाला केराकछार में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन अत्यंत गरिमामय, प्रेरणादायी एवं जनसहभागिता से परिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा के सार्वभौमिक अधिकार, सामाजिक उत्तरदायित्व और भावी पीढ़ी के सशक्त निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का सजीव उदाहरण बनकर उभरा।

विद्यालय परिसर में जैसे ही नवप्रवेशी बच्चों ने अपने शैक्षणिक जीवन की प्रथम औपचारिक दहलीज पर कदम रखा, पूरा वातावरण उत्साह, उल्लास और आत्मीयता से आलोकित हो उठा। तिलक, पुष्प एवं मंगलकामनाओं के साथ उनका स्वागत किया गया। बच्चों के चेहरों पर झलकती मुस्कान और अभिभावकों की आंखों में दिखाई देता विश्वास इस बात का प्रमाण था कि शिक्षा आज भी ग्रामीण भारत की सबसे बड़ी आशा और सबसे मजबूत शक्ति है।

🔍⚡ शिक्षा के माध्यम से भविष्य निर्माण का संकल्प

राज्य शासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शाला प्रवेश उत्सव अभियान का मूल उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं मूल्याधारित शिक्षा पहुंचाना है।

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कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने एक स्वर में यह संकल्प व्यक्त किया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे तथा प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने, आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा विकसित करने के समान अवसर प्राप्त हों।

🏛️🌟 जनप्रतिनिधियों और शिक्षा समुदाय की उल्लेखनीय सहभागिता

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत एवं विद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

प्रमुख अतिथि एवं जनप्रतिनिधि

✔️ सरपंच – श्री धनसिंह सारथी

✔️ पंच – श्री संतोष कुमार यादव

✔️ पंच – श्री मोहनलाल बिंझवार

✔️ पंच – श्रीमती उषा यादव

✔️ पंच – श्रीमती हंता बाई यादव

✔️ सचिव – श्रीमती मधुबाला रात्रे

विद्यालय प्रतिनिधि

✔️ पूर्व माध्यमिक शाला – श्री गंभीरलाल यादव

✔️ प्राथमिक शाला – श्री लोचन प्रसाद

✔️ समस्त शिक्षकगण, अभिभावक एवं ग्रामवासी

📜🎓 नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ सम्मानपूर्ण अभिनंदन

विद्यालय परिवार द्वारा नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप तिलक, पुष्प एवं मिठाई के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर बच्चों को शिक्षा के महत्व, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं नियमित अध्ययन के प्रति प्रेरित किया गया।

अभिभावकों को भी बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, घर में अध्ययन का अनुकूल वातावरण विकसित करने तथा विद्यालय के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने का आग्रह किया गया।

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📢💥 शिक्षा: सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय प्रगति का आधार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा वह शक्ति है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है, समाज को प्रगतिशील बनाती है और राष्ट्र को समृद्धि की ओर अग्रसर करती है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यपुस्तकों का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक विकास, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन का महत्वपूर्ण संस्थान है।

🌍✨ ग्रामीण शिक्षा सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों के अनुसार शाला प्रवेश उत्सव जैसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सामाजिक वातावरण निर्मित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यालय, परिवार और समाज के मध्य सहभागिता मजबूत होती है तथा बच्चों में विद्यालय के प्रति आत्मीयता एवं विश्वास का भाव विकसित होता है।

यह आयोजन इस बात का सशक्त संदेश देता है कि जब समाज, विद्यालय और प्रशासन एक साथ खड़े होते हैं, तब शिक्षा केवल एक योजना नहीं बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर लेती है।

🔍🏆 MEDIA HOUSE MPCG SPECIAL ANALYSIS

केराकछार में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव शिक्षा के प्रति सामुदायिक जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और भविष्य निर्माण के साझा संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। यह कार्यक्रम दर्शाता है कि ग्रामीण भारत में शिक्षा के प्रति विश्वास आज भी उतना ही मजबूत है जितना किसी भी विकसित शैक्षणिक व्यवस्था का मूल आधार होता है।

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नवप्रवेशी बच्चों के स्वागत से लेकर अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति तक प्रत्येक पहलू ने यह सिद्ध किया कि शिक्षा केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

🚨📢 संदेश

“जब एक बच्चा विद्यालय की दहलीज पर पहला कदम रखता है, तब केवल उसका भविष्य नहीं बदलता, बल्कि एक परिवार, एक समाज और एक राष्ट्र की संभावनाएं भी नई दिशा प्राप्त करती हैं।”

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“तथ्य • निष्पक्षता • शिक्षा • उत्तरदायित्व • राष्ट्र निर्माण”

SEO Title: केराकछार में भव्य शाला प्रवेश उत्सव 2026 | नवप्रवेशी विद्यार्थियों का सम्मान, शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश

Meta Description: पूर्व माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला केराकछार में शाला प्रवेश उत्सव उत्साहपूर्वक संपन्न। नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, जनप्रतिनिधियों एवं अभिभावकों की उल्लेखनीय सहभागिता।

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