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छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

बनारी गांव के तालाब में मिला 5 फीट का मगरमच्छ, रेस्क्यू कर क्रोकोडाइल पार्क में छोड़ा

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जांजगीर चाम्पा जिला मे बनारी गांव मे उस वक्त हड़कंप मच गया ज़ब गांव के तालाब मे एक मगरमच्छ देखा गया,,ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके मे पहुंची लेकिन मंगलवार को मगरमच्छ को पकड़ने मे सफलता नहीं मिली,, फिर आज कोटमीसोनार क्रोकोडायल पार्क के प्रशिक्षित टीम ने बड़ा जाल डाल कर पांच फ़ीट बड़ा मगरमच्छ रेस्कयु किया और कोटमी सोनार के मूढ़ा तालाब मे अन्य क्रोकोड़ाईल के साथ शिफ्ट किया,

वीओ,, 1,,जांजगीर जिला मुख्यालय से 5 किलो मीटर की दूरी का स्थिति बनारी गांव के अमुरी तालाब को कौशल प्रसाद धीवर ने मछली पालन के लिए ठेका मे लिया है,, मांगलवार को तालाब से छोटा मछली निकालने के लिए जाल फैलाया गया,, और जाल मे बड़ा हलचल देखा गया,,,मछली के जाल मे कुछ बड़ा जलीय जीव होने की आशंका पर कौशल प्रसाद ने गांव के सरपंच को सुचना दी और ड्रोन कैमरा से पहचान करने को कोशिश की गई,,,ड्रोन कैमरा मे तालाब का नजारा देख हड़कंप मच गया क्योंकि तालाब मे बड़ा मगरमच्छ देखने को मिला, ये मगरमच्छ कब और कैसे कहा से आया इसका अब तक पता नहीं चल सका है,,

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गांव के अमुरी तालाब मे मगरमच्छ होने की सूचना पर मंगलवार को वन विभाग की टीम मौके मे पहुंची और मगरमच्छ की रेस्कयु करने की कोशिश की लेकिन पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण रेस्कयु रोक दिया और आज फिर से बड़ा जाल लेकर अमुरी तालाब मे फैलाया गया और मछली के साथ मगरमच्छ को भी बड़ी सावधानी के साथ पकड़ा गया और उस कोटमी सोनार क्रोको डायल पार्क मे छोड़ा गया,,,

जांजगीर चाम्पा जिला के कोटमीसोनार गांव मे एशिया का सबसे बड़ा क्रोकोडायल पार्क बनाया गया है,,कोटमी सोनार के सभी तालाबो से निकाल कर 100 एकड़ के मूढ़ा तालाब मे सभी क्रोकोडायल को शिफ्ट किया गया, लेकिन अभी भी गांव के कई तालाबो और गलियों मे मे छोटे बड़े मगरमच्छ मिल जाते है,, लेकिन अब मगरमच्छ जिला मुख्यालय के आस पास के गांव के तालाबों मे भी कैसे पहुंच रहे है इसका अब तक पता नहीं चल सका है,,

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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