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मेहुल चौकसी-PNB Scam में Ed का बड़ा एक्शन, पीड़ितों को लौटाई 125 करोड़ की संपत्ति

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पंजाब नेशनल बैंक और ICICI बैंक को करोड़ों का चूना लगाकर देश छोड़कर भागने वाले कारोबारी मेहुल चौकसी की संपत्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. मुंबई के प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के लिक्विडेटर को 125 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति सौंप दी है. ये संपत्तियां उनके असली मालिकों और चोकसी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले के पीड़ितों को वापस की गई हैं. इसमें मुंबई में फ्लैट और SEEPZ मुंबई में कारखाने/ गोदाम शामिल हैं. ईडी ने पीड़ितों (बैंकों) को 125 करोड़ रुपये की संपत्ति लौटा दी है.

मेहुल चोकसी धोखाधड़ी मामले में बैंको की ओर से कोर्ट में संपत्ति हैंडओवर करने के लिए आवेदन दिया था ताकि इस मामलें में वसूली किया जा सके . अब कोर्ट ने चोकसी से जुड़ी 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियों के मोनिटाइजेशन को मंजूरी दी है. मेहुल चोकसी के पीएनबी घोटाले से 6,097.63 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उसने आईसीआईसीआई का भी कर्ज नहीं चुकाया है.

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गीतांजलि समूह का प्रमोटर आरोपी मेहुल चोकसी घ्रोटाले के बाद से फरार चल रहा है. चोकसी के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन लिया है. मेहुल चोकसी की प्रॉपर्टी में जिनकी जांच चल रही है, उनमें गीतांजलि जेम्स लिमिटेड (GGL), नक्षत्र ब्रांड्स लिमिटेड (NBL), नक्षत्र वर्ल्ड लिमिटेड (NWL) और गिली इंडिया लिमिटेड के अलावा अन्य कंपनियों की संपत्तियां शामिल हैं.

ईडी ने कहा कि मेहुल चोकसी की संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग के पीड़ितों (बैंकों) को लौटाया जा रहा है. प्रोडक्टिव संपत्तियों को उपयोग में लाने के लिए और वित्तीय संस्थानों को अटैच या सीज / सुरक्षित संपत्तियों के मोनेटाइजेशन के लिए PNB और ICICI बैंक (बैंक धोखाधड़ी के शिकार) के सहयोग से ईडी द्वारा ठोस प्रयास किया गया है.

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बैंकों द्वारा दायर आवेदन के आधार पर मुंबई की विशेष PMLA कोर्ट ने मेहुल चोकसी मामले (पीएनबी धोखाधड़ी मामला) में ईडी द्वारा कुर्क या जब्त की गई 2565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियों के मोनेटाइजेशन की अनुमति दी थी. जारी आदेश के अनुसार संपत्तियों को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और 125 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मेसर्स गीतांजलि जेम्स लिमिटेड के लिक्विडेटर को सौंप दिया गया है. इनमें मुंबई में स्थित फ्लैट और SEEPZ मुंबई में स्थित दो कारखाने/ गोदाम शामिल हैं. बाकी संपत्तियों की वापसी की प्रोसेस भी चल रही है.

बता दें कि मेहुल चोकसी के मामले में पीएमएलए के तहत जांच से पता चला कि उसने 2014 से 2017 के दौरान पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के अपने सहयोगियों और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की और पीएनबी से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट जारी करवाया इस गलत काम से पीएनबी को 6097.63 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. मेहुल चोकसी ने ICICI बैंक से भी लोन लिया था और उस लोन का भुगतान भी नहीं किया था.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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