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नई दिल्ली

कोविड वैक्सीन के कारण अचानक मर रहे लोग! संसद में पेश हुई ICMR की रिसर्च, एस्ट्राजेनेका ने भी मानी थी साइड इफेक्ट की बात

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कोरोना काल के बाद लगातार हो रही मौतों के पीछे कोविड वैक्सीन को जिम्मेदार बताया जा रहा था। कई लोगों का भी कहा था कि कोविड वैक्सीन लगाने के बाद उनका शरीर कमजोर हुआ है। कोविशील्ड वैक्सीन का फार्मूला दने वाली ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कंपनी ने साइड इफेक्ट की बात स्वीकार की थी। कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर अब बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने संसद में ICMR की रिसर्च पेश की।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की स्टडी में यह स्पष्ट हुआ है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने से भारत में युवाओं और वयस्कों में अचानक मृत्यु का खतरा नहीं बढ़ा है। उन्होंने कहा, ‘वास्तव में, आईसीएमआर की इस स्टडी से पता चलता है कि कोरोना वैक्सीन से ऐसी मौतों की संभावना कम होती है। आईसीएमआर ने अपनी इस रिपोर्ट में उन आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की है कि बीते कुछ वर्षों के दौरान भारत में युवाओं और वयस्कों की असामयिक मौतें कोरोना वैक्सीनेशन से जुड़ी थीं।

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रिसर्च के लिए 19 राज्यों से लिए गए सैंपल 

आईसीएमआर की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी ने 18-45 वर्ष की उम्र के उन व्यक्तियों पर यह स्टडी की, जो स्वस्थ थे और उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। 1 अक्टूबर, 2021 से 31 मार्च, 2023 के बीच अस्पष्ट कारणों से अचानक उनकी मृत्यु हो गई। यह रिसर्च 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 अस्पतालों में कंडक्ट किया गया।

729 अचानक मृत्यु होने वाले लोगों के सैंपल की हुई जांच

रिसर्च के दौरान 729 ऐसे मामले बतौर सैंपल लिए गए जिनकी अचानक मृत्यु हो गई थी। 2916 सैंपल ऐसे थे, जिन्हें हार्ट अटैक आने के बाद बचा लिया गया था। रिसर्च के निष्कर्षों से पता चला कि कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक या दो खुराक लेने से, बिना किसी कारण के अचानक मृत्यु की संभावना काफी कम हो जाती है।

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तो अचानक होने वाली मौतों के पीछे ये है बड़ी वजह

रिसर्च में ऐसे कई ऐसे फैक्टर्स की भी पहचान की गई है जो अचानक मृत्यु के जोखिम को बढ़ाते हैं, जिनमें मृतक के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती रहना, परिवार में पहले किसी की अचानक मृत्यु होना, मृत्यु से 48 घंटे पहले अत्यधिक शराब पीना, नशीली दवाओं का उपयोग और मौत से 48 घंटे पहले बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधि (जिम में व्यायाम) शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आईसीएमआर की स्टडी से यह स्पष्ट हो गया है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन और युवा वयस्कों की अचानक मौतों के बीच कोई संबंध नहीं है। इसके बजाय, कोविड-19 हॉस्पिटलाइजेशन की हिस्ट्री, फैमिली में ऐसी आकस्मिक मौतों की हिस्ट्री, और लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ व्यवहार जैसे फैक्टर्स को ऐसी मौतों की संभावना बढ़ाने के लिए जिम्मेदार पाया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन के साइड इफेक्ट्स को ट्रैक करने के लिए ‘एडवर्स इवेंट फॉलोविंग इम्यूनाइजेशन’ (AEFI) नाम से एक मजबूत सर्विलांस सिस्टम बनाया गया है।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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