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शेख हसीना फिर बनेंगी बांग्लादेश की पीएम! ट्रंप की अमेरिका में वापसी के बाद अवामी लीग हुई एक्टिव, आज सड़कों पर उतरेगी

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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर दोबारा राष्ट्रपति बन गए हैं। उनके राष्ट्रपति बनने के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति में भी तेजी से परिस्थिति बदल रहा है। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग उनके समर्थन में माहौल बनाने में जुट गई है। अवामी लीग शेख हसीना को बांग्लादेश की फिर से प्रधानमंत्री बनाने में लग गई है।

इधर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अवामी लीग को “फासीवादी” पार्टी करार देते हुए उस पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इससे पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग के छात्र संघ शाखा पर प्रतिबंध लगा दिया था।

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश से भागने के तीन महीने बाद उनकी पार्टी अवामी लीग ने आज रविवार को ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन रैली का आह्वान किया है। दरअसल, अगस्त में छात्रों के विद्रोह के बाद से अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर बढ़ते हमलों का सामना करते हुए पूर्ववर्ती सत्तारूढ़ पार्टी अपने अधिकांश शीर्ष नेतृत्व के जेल में या निर्वासन में रहने के कारण फिर से संगठित होने और अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रही है। इस क्रम में पार्टी ने रविवार (10 नवंबर) को ढाका में विरोध मार्च का आह्वान किया है।

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इधर अंतरिम सरकार ने शनिवार को जारी एएल के बयान में कहा गया, “हमारा विरोध देश के लोगों के अधिकारों को छीनने, कट्टरपंथी ताकतों के उदय और आम लोगों के जीवन को बाधित करने की साजिश के खिलाफ है। हम आप सभी से अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इस मौजूदा शासन के कुशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह करते हैं।

अवामी लीग के स्टूडेंट विंग पर लगाया गया बैन

कुछ समय पहले ही अंतरिम सरकार ने अवामी लीग के स्टूडेंट विंग ‘स्टूडेंट लीग’ को बैन कर दिया गया था। नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में काम कर रही अंतरिम सरकार ने एक गजट जारी किया और 2009 के आतंकवाद विरोधी कानून के प्रावधानों के तहत संगठन पर बैन लगा दिया। गजट में कहा गया कि बांग्लादेश स्टूडेंट लीग को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में शामिल पाया गया है। इन गतिविधियों में हत्या, प्रताड़ना, कॉलेज परिसरों में उत्पीड़न, छात्र डॉर्मिटरी में सीट ट्रेडिंग, टेंडर में हेरफेर, बलात्कार, और यौन उत्पीड़न जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियां शामिल हैं।

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ट्रंप की करीबी हैं शेख हसीना

बता दें कि शेख हसीना को ट्रंपक का करीबी नेता बताया जाता है। अवामी लीग हमेशा अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी की करीबी रही है। इसी का नतीजाै है कि हसीना की पार्टी आवामी लीग ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद ट्रंप को बदाई संदेश भाजा था। संदेश में शेख हसीना को बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बताया गय़ा है। वहीं बांग्लादेश की अंतरिम सरकार मुखिया मोहम्मद यूनुस अमेरिका के डेमोक्रेटिक पार्टी के करीबी रहे हैं। इसी का नतीजा है कि बाराक ओबामा सरकार में मोहम्मद यूनुस को शांति का नोबल पुरस्कार दिया गया था।

जून में हुआ था तख्तापलट

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बता दें कि जून 2024 में बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2018 बांग्लादेश कोटा सुधार आंदोलन के जवाब में किए गए सरकारी फैसले को पलटते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों के लिए 30 फीसदी कोटा बहाल करने के खिलाफ विरोध शुरू हुआ था। छात्रों को ऐसा लगने लगा कि योग्यता के आधार पर उनके पास सीमित अवसर ही बचेंगे। इस विरोध की शुरुआत सरकारी नौकरियों के लिए पुनः स्थापित कोटा प्रणाली की प्रतिक्रिया के रूप में शुरू हुई थी। बाद में यह हिंसक होती चली गई। इसके बाद बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना को 5 अगस्त को देश छोड़ेकर जाना पड़ा।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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