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नई दिल्ली

10 लाख करोड़ स्वाहा… अमेरिका में मंदी की आशंका से शेयर मार्केट में कत्लेआम, सेंसेक्स 2,400 अंक लुढ़का

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नई दिल्ली: विदेशों बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच घरेलू शेयर मार्केट में आज भारी गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 2,400 अंक की गिरावट के साथ खुला। निफ्टी में भी 500 अंक से अधिक की गिरावट आई है। एचसीएल टेक और टाइटन में नौ फीसदी से अधिक गिरावट आई है। अमेरिका में मंदी की आशंका और मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव से निवेशकों में खलबली है। इससे दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली है। शुरुआती कारोबार में सेसेंक्स करीब तीन फीसदी गिरावट के साथ 78,580.46 अंक पर आ गया जबकि निफ्टी 50 भी करीब दो फीसदी गिरावट के साथ 24,277.60 अंक पर आ गया। हेवीवेट शेयरों में भारी बिकवाली के कारण निफ्टी भी 24,300 अंक से नीचे आ गया। इस गिरावट से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 10.24 लाख करोड़ रुपये घटकर 446.92 लाख करोड़ रुपये रह गया। निफ्टी 10 अपनी 20 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे चला गया जो दो महीने से अधिक समय में इसकी एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। निफ्टी बैंक 50 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है। सभी बड़े सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। स्मॉल और मिडकैप स्टॉक्स में ज्यादा गिरावट आई है।

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ब्रॉडर मार्केट्स में निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में क्रमश: 2.3 फीसदी और 2.5 फीसदी की गिरावट आई है। जानकारों का कहना है कि अमेरिकी इकॉनमी में सॉफ्ट लेंडिंग की संभावना क्षीण हो गई है। वहां जुलाई में रोजगार सृजन में गिरावट आई है जबकि बेरोजगारी की दर बढ़कर 4.3 फीसदी हो गई है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से भी निवेशकों में खलबली मची हुई है। सुबह जापान के बाजारों में भी भारी गिरावट आई है। पिछले सत्र में सेंसेक्स 885.6 अंक यानी 1.08 फीसदी गिरावट के साथ 80,982 अंक पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 50 भी 293 अंक यानी 1.17 अंक की गिरावट के साथ 24,717 अंक पर आ गया था।

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अमेरिका में मंदी की आशंका

अमेरिका में शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में एक बार फिर मंदी की आशंका पैदा हो गई है। इन आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में जॉब ग्रोथ में गिरावट आई है। लेबर डिपार्टमेंट के मुताबिक नॉन-फार्म पेरोल में पिछले महीने केवल 114,000 जॉब्स बढ़े। इसके 175,000 बढ़ने की उम्मीद की जा रही थी। बढ़ती आबादी के साथ तारतम्य बनाए रखने के लिए हर महीने 200,000 नए जॉब्स की जरूरत है। साथ ही देश में बेरोजगारी की दर बढ़कर 4.3 फीसदी पहुंच गई जो करीब तीन साल में सबसे ज्यादा है।

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मिडिल ईस्ट में तनाव

इस बीच मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने हमास के मुखिया इस्माइल हानिया की मौत का बदला इजरायल से लेने की कसम खाई है। हानिया ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में शामिल होने आए थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ रहे तनाव के बीच अमेरिका ने उस इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। इससे दुनियाभर के निवेशकों में खलबली मची हुई है। अगर वहां तनाव बढ़ता है तो इससे निवेशकों की धारणा बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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