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छत्तीसगढ़

सब्जी कैरेट्स के नीचे छुपाकर ले जा रहे थे 243 किलो गांजा, पुलिस ने नाकेबंदी कर दो तस्करों को धरदबोचा

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डोंगरगढ़. नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कसते हुए राजनांदगांव पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने 243.54 किलो गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है. जब्त किए गए गांजे की कीमत करीब 36.53 लाख रुपए आंकी गई है. हैरानी की बात यह थी कि तस्करों ने इसे सब्जी की कैरेट्स के नीचे छुपा रखा था और इसे मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र तक पहुंचाने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनकी पूरी योजना ध्वस्त कर दी.

पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजे की एक बड़ी खेप राजनांदगांव के रास्ते मध्यप्रदेश की ओर रवाना होने वाली है. इस पर पुलिस हरकत में आई और एसडीओपी डोंगरगढ़ आशीष कुंजाम के नेतृत्व में बोरतलाव पुलिस की संयुक्त टीम को अलर्ट किया गया. पुलिस ने डोंगरगढ़ से महाराष्ट्र जाने वाली सड़क पर स्थित बिरे पुलिया, चांद-सूरज मेन रोड और ग्राम बोरतलाव के पास नाकेबंदी की. देर रात एक संदिग्ध बोलेरो पिकअप (CG-10-BQ-0634) वहां आती दिखी. जैसे ही पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया, वाहन में सवार लोग गाड़ी छोड़कर भागने लगे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से दो तस्करों को मौके पर ही धर दबोचा गया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकला.

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आरोपियों के खिलाफ दर्ज हैं गंभीर मामले

जब पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था. ऊपर से सब्जी की कैरेट्स से भरी गाड़ी के नीचे 08 प्लास्टिक बोरियों में ठूंस-ठूंस कर गांजा रखा गया था. इसे तौला गया तो वजन 243.54 किलो निकला और बाजार कीमत 36.53 लाख रुपए आंकी गई. इसके साथ ही पुलिस ने तस्करों की बोलेरो पिकअप (कीमत 5 लाख रुपये) और 4 मोबाइल फोन (कीमत 11,000 रुपये) भी जब्त कर लिए. गिरफ्तार तस्करों की पहचान दिलावर अली (46 वर्ष) निवासी ग्राम झलमला जिला बिलासपुर और संतोष पाल (36 वर्ष) निवासी ग्राम नक्टा जिला रायपुर के रूप में हुई. दोनों ही अपराध की दुनिया में पहले से नामचीन रहे हैं. दिलावर अली के खिलाफ हत्या और चोरी के गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि संतोष पाल पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत बागनदी, मंदिर हसौद और जगदलपुर में पकड़ा जा चुका है.

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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