
अंबिकापुर। सरगुजा जिले का दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट आज देश के हवाई नक्शे से जुड़ जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को वाराणसी से एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित राज्य सरकार के अन्य मंत्रीगण भी शामिल होंगे।
रायपुर, बिलासपुर,जगदलपुर के बाद यह प्रदेश का चौथा एयरपोर्ट होगा जहां से व्यवसायिक विमानें उड़ान भरेंगी।हवाई सेवा से जुड़ने से सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
रोजगार के अवसर बढेंगे
विमान सेवा से जुड़ने पर सरगुजा संभाग में पर्यटन, वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा व आवागमन की सुविधा के विस्तार के साथ क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा अंबिकापुर में लगभग 80 करोड़ के विकास व निर्माण कार्य पूर्ण कर सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसका संपूर्ण क्षेत्रफल 365 एकड़ है। यह एयरपोर्ट समुद्र तल से 1924 फीट ऊंचाई में स्थित है।
मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा अंबिकापुर
- थ्री सीव्हीएफआर के मानक का एयरपोर्ट
- रनवे की लंबाई 1800 मीटर
- एक साथ दो एटीआर 72 सीटर विमान खड़े हो सकेंगे
- 72 यात्रियों के अनुरूप टर्मिनल भवन
- आइसोलेशन वे, दो टैक्सी-वे पैरीमीटर रोड
- आठ किलोमीटर लंबाई में 3.2 मीटर ऊंची बाउण्ड्रीवाल
- एटीसी आफिस, एमईटी आफिस
- एसीसीआर रूम, फायर स्टोर
- इलेक्ट्रीकल पैनल रूम अन्य अधोसंरचना कार्य।
72 सीटर विमान उड़ाने 74 वर्ष में 80 करोड़ हुआ खर्च
अंबिकापुर से 12 किलोमीटर दूर दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए 74 वर्ष में 80 करोड रुपये खर्च हुए हैं। सर्वसुविधायुक्त दरिमा एयरपोर्ट के उद्घाटन की प्रतीक्षा लंबे समय से सरगुजावासी कर रहे थे।हवाई सेवा से जुड़ने की आदिवासी बहुल सरगुजा की बहुप्रतीक्षित मांग आज पूरी हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। रनवे की लंबाई के हिसाब से यह प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा।

इस एयरपोर्ट से सरगुजा संभाग में पर्यटन, वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।क्षेत्र में आवागमन की सुविधा के साथ क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कम समय में लोग बड़े शहरों की दूरी तय कर सकेंगे।दरिमा हवाई पट्टी का निर्माण वर्ष 1950 में हुआ था, इसे प्रारंभिक दौर में डब्ल्यूबीएम सतह से निर्मित किया गया था, जिसकी लंबाई 1200 मीटर थी।




