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आतंकियों ने रायपुर के कारोबारी को बच्चों के सामने मारी-गोली:रायपुर-भिलाई के 70 लोग फंसे

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जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने रायपुर के स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की गोली मारकर हत्या कर दी। आतंकियों ने पत्नी, बेटे और बेटी के आंखों के सामने गोली मारी। मृतक का पार्थिव शरीर दिल्ली से फ्लाइट से रायपुर लाया जाएगा, जो रात 8 बजे पहुंचेगी।

मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश मिरानिया (45) को जिस दिन गोली मारी गई, उसी दिन उनकी शादी की सालगिरह थी। वह परिवार के साथ खुशियां मनाने बैसरन घाटी गए थे। वहां पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता के साथ सेलीब्रेट कर रहे थे, तभी आतंकियों ने गोलियों से भून डाला।

पहलगाम में दिनेश मिरानिया की पत्नी और बच्चों से गृहमंत्री अमित शाह मिले। शाह ने कहा कि हमले में अपनों को खोने का दर्द हर भारतीय को है। बेगुनाह मासूम लोगों को मारने वाले आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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पर्यटकों को पहलगाम जाने की अनुमति नहीं

कश्मीर में मौजूद छत्तीसगढ़ के पत्रकार रामअवतार तिवारी ने बताया कि पहलगाम घूमने के लिए जा रहे थे, लेकिन हमें सुरक्षाबलों ने रास्ते में ही रोक दिया। फायरिंग के बाद सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इस वजह से पर्यटकों को वहां जाने की अनुमति नहीं है।

उन्होंने बताया कि पहलगाम को खाली कराया गया है। सभी बाजार और पर्यटक क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं। हम इस वक्त कश्मीर के श्रीनगर के एक होटल में हैं। स्थिति सामान्य होने पर वापस छत्तीसगढ़ आएंगे। CM साय ने फोन से हाल-चाल लिया। फिलहाल हम सभी सुरक्षित हैं।

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मारे गए लोगों के परिवारों को 10-10 लाख मुआवजा

वहीं जम्मू-कश्मीर सरकार ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा की है। साथ ही गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख और मामूली घायलों को 1 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं रायपुर-भिलाई के करीब 82 लोग श्रीनगर में फंसे हैं। एक होटल में रोका गया है।

11 पर्यटकों को कपड़ा व्यवसायी नजाकत अली ने बचाया

आतंकी हमले में चिरमिरी के 4 परिवारों के 11 लोग भी फंस गए थे। इनमें 3 बच्चे भी शामिल थे। सभी गर्मी की छुट्टियां मनाने 18 अप्रैल को चिरमिरी से जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुए थे। 21 अप्रैल को सभी पहलगाम पहुंच थे।

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पर्यटकों में शिवांश जैन, हैप्पी वधावन, अरविंद अग्रवाल और कुलदीप स्थापक अपने परिवारों के साथ पहलगाम पहुंचे थे। हमले के समय सभी लोग पहलगाम में ही थे। शिवांश जैन ने बताया कि भू-स्खलन के कारण सड़क पर जाम लगा था। सड़क के दोनों ओर पर्यटकों की भीड़ थी, तभी अचानक फायरिंग शुरू हो गई।

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RAJIV RASTOGI NEWS NETWORK SERVICE

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